पंजीयन से वंचित छात्रों को छह महीने बाद फिर मिला मौका
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। 2027 की मैट्रिक परीक्षा के लिए पंजीयन नहीं करा पाने वाले विद्यार्थियों को दोबारा पंजीयन कराने का मौका दिया गया है। 22 जुलाई तक आवेदन भरे जा सकेंगे। 40% से अधिक छात्रों का बिना शपथपत्र के आवेदन भरा गया है। अभिभावकों का शपथपत्र जरूरी है।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। 2027 की मैट्रिक परीक्षा में शामिल होने वाले ऐसे विद्यार्थी जो पंजीयन नहीं करा पाए थे, उन्हें छह महीने बाद दोबारा पंजीयन कराने का एक और मौका दिया गया है। 22 जुलाई तक ये पंजीयन करा सकेंगे। परीक्षा में शामिल होने वाले 40 फीसदी से अधिक छात्रों का बिना शपथपत्र के अनुमति आवेदन भरा गया है। जिले के इन बच्चों को लेकर हेडमास्टर को निर्देश दिया गया है। 2027 की परीक्षा में जो बच्चे शामिल होंगे, उन्हें अनुमति आवेदन के साथ अभिभावकों का शपथपत्र भी देना है। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि अभिभावकों के शपथपत्र के बिना आवेदन मान्य नहीं होगा。
छात्रहित में पंजीकरण की तिथि बढ़ाई गई
छात्रहित में बिहार बोर्ड ने पंजीयन, अनुमति आवेदन के लिए तिथि बढ़ा दी है। 22 जुलाई तक अब स्कूल हेडमास्टर छात्र-छात्राओं का आवेदन भरेंगे। 22 जुलाई तक पहले के छात्र-छात्राएं जिनका बिना शपथपत्र के ही आवेदन भरा गया है, उन्हें भी अंतिम मौका दिया गया है। पंजीयन के लिए 8 दिसम्बर 2025 तक का ही समय दिया गया था। इस पंजीयन और अनुमति आवेदन से वंचित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा पोर्टल खोला गया है। 100 रुपये के विलंब शुल्क के साथ इनका पंजीयन भरा जाएगा।
आधार और अपार आईडी की आवश्यकता
2027 की मैट्रिक परीक्षा के लिए अपार और आधार नंबर दोनों भरने का कॉलम दिया गया है। बिहार बोर्ड ने निर्देश दिया है कि अगर किसी बच्चे का आधार नहीं है तो इस आशय का शपथपत्र वे भरेंगे।


