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रीयल्टी कंपनियों ने कहा, होम लोन पर ब्याज दर में कटौती को लेकर गेंद बैंकों के पाले में

Real Estate

जमीन जायदाद के विकास से जुड़ी कंपनियों ने बृहस्पतिवार को कहा कि रिजर्व बैंक के प्रमुख नीतिगत दर रेपो में कटौती से मकानों की बिक्री बढ़ेगी और बाजार के प्रति धारणा सुधरेगी। हालांकि उन्होंने इस कटौती का लाभ कंपनियों के साथ खरीदारों को भी देने का आग्रह किया। अर्थव्यवस्था को गति देने के इरादे से रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की। इससे मकान और वाहन समेत अन्य कर्ज पर ब्याज दरें कम होने की संभावना है।

नेशनल रीयल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसलि (नारेडको) के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने कहा, ''आरबीआई के कदम से उद्योग की धारणा मजबूत होगी। इससे कंपनियों के साथ-साथ रीयल एस्टेट क्षेत्र में कंपनियों तथा मकान खरीदरों को राहत मिलेगी। हमें उम्मीद है कि बैंक नीतिगत दर में कटौती का लाभ आगे देंगे। इससे मकानों की खरीदारी बढ़ेगी।"

RBI ने की रेपो रेट में 0.25% की कटौती, आपके होम लोन का बोझ होगा कम

रीयल्टी कंपनियों का शीर्ष संगठन क्रेडाई के अध्यक्ष सतीश मगर ने कहा कि आरबीआई का कदम रीयल एस्टेट क्षेत्र के काफी सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा, ''नीतिगत दर में कटौती से मकान खरीदारों की धारणा मजबूत होने की संभावना है और उद्योग को गति मिल सकती है...मकान खरीदारों पर ईएमआई का बोझ कम होगा और क्रय शक्ति बढ़ेगी। इससे भारतीय रीयल्टी क्षेत्र को गति मिलने की उम्मीद है।"

क्रेडाई के चेयरमैन जे शाह ने कहा कि रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती उम्मीद के अनुरूप है। ''हालांकि आर्थिक वृद्धि के अनुमान में कमी चिंता का विषय है...।" एनारोक के चेयरमैन अनुज पुंज ने कहा कि आरबीआई ने रेपो दर में कटौती कर अपना काम किया है। अब आवास ऋण पर ब्याज दर में कटौती को लेकर गेंद बैंकों के पाले में है। इससे लोग घर खरीदने का निर्णय कर सकेंगे और रीयल एस्टेट क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

सीबीआरई इंडिया के चेयरमैन और सीईओ अंशुमन मैगजीन ने कहा कि इस कदम से उपभोक्ता धारणा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ''बैंक इसका लाभ ग्राहकों को दे सकते हैं जिससे उनके खरीद के निर्णय पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।" जेएलएल इंडिया के क्षेत्रीय प्रमुख रमेश नायर ने कहा, ''नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती प्रोत्साहन लगातार दी जा रही प्रोत्साहन की श्रृंखला है। इससे 2019 में रीयल एस्टेट क्षेत्र को गति मिलेगी। केंद्रीय बजट में सस्ते मकान के लिये प्रोत्साहन तथा हाल में माल एवं सेवा कर में कटौती के बाद अब रेपो दर में कटौती से मकानों की मांग बढ़ेगी।"

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  • Web Title:RBI cut interest rate Realtors want banks to pass on rate cut benefits to borrowers