रांची विश्वविद्यालय में शोध निदेशालय का हुआ गठन
रांची विश्वविद्यालय ने यूजीसी के नए नियमों के अनुसार शोध गतिविधियों की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए शोध निदेशालय का गठन किया है। यह निदेशालय पीएचडी संबंधित विनियमों के प्रभावी कार्यान्वयन और शोध कार्यों की निगरानी करेगा। वरिष्ठ शिक्षकों के सदस्य बनाने के साथ ही इसे दैनिक बैठकें करने के लिए निर्देशित किया गया है।

रांची, विशेष संवाददाता। रांची विश्वविद्यालय ने शोध गतिविधियों को अधिक पारदर्शी व यूजीसी के नए नियमों के अनुरूप संचालित करने के लिए शोध निदेशालय के गठन की अधिसूचना जारी की है। कुलपति के आदेश पर गठित यह निदेशालय डीन कार्यालय के अधीन कार्य करेगा और इसका नेतृत्व निदेशक शोध करेंगे। नवगठित निदेशालय का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरेट (पीएचडी) उपाधि से संबंधित विनियमों के प्रभावी क्रियान्वयन, शोध कार्यों की नियमित निगरानी तथा यूजीसी रेगुलेशंस-2022 के अनुपालन को सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए निदेशालय की नियमित बैठकें प्रतिदिन दोपहर 3 बजे होंगी। निदेशालय में विवि के विभिन्न संकायों के वरिष्ठ शिक्षकों को सदस्य बनाया गया है।
इसमें वाणिज्य विभाग के डॉ एमएन जुबैरी, रसायन विज्ञान विभाग के डॉ नीरज (सदस्य सचिव), भौतिकी विभाग के डॉ राजकुमार सिंह, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ ज्योति प्रकाश, अंग्रेजी विभाग के डॉ सुमित कुमार डे और मुंडारी विभाग के डॉ तारकेश्वर सिंह मुंडा को सदस्य नामित किया गया है। प्रशासनिक सहयोग के लिए असलम इमाम को सहयोगी स्टाफ नियुक्त किया गया है।विश्वविद्यालय का मानना है कि शोध निदेशालय के गठन से पीएचडी प्रवेश, शोध प्रगति, शोध गुणवत्ता, शोध उपाधि प्रदान करने की प्रक्रिया और यूजीसी के मानकों के अनुपालन की निगरानी अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सकेगी। इससे विश्वविद्यालय में शोध संस्कृति को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।


