बच्चों के नदी पार कर स्कूल जाने की फर्जी तस्वीरें फैलाने में छह के खिलाफ मुकदमा
रामपुर के घूघा नदी प्रकरण में शनिवार को नया मोड़ आया। बच्चों को नदी पार करते दिखाने वाली फर्जी तस्वीरें वायरल होने के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर छह व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि सांसद चंद्रशेखर के ट्वीट को सही साबित करने के लिए ये तस्वीरें बनाई गई। बच्चों की जान को खतरा पहुंचाया गया।

रामपुर के घूघा नदी प्रकरण में शनिवार को नया मोड़ आ गया। बच्चों के नदी पार कर स्कूल जाने की फर्जी तस्वीरें फैलाने में जिलाधिकारी के आदेश के बाद खंड शिक्षाधिकारी ने छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। आरोप है कि नगीना के सांसद चंद्रशेखर के ट्वीट को सही साबित करने के लिए फर्जी फोटो-वीडियोग्राफी कराकर सोशल मीडिया पर वायरल की गई। जिससे जहां एक ओर समाज में सनसनी फैली, वहीं दूसरी ओर फोटो-वीडियोग्राफी के लिए स्कूली बच्चों को नदी में उतारकर उनकी जान जोखिम में डाली गई। मुकदमा दर्ज होने के बाद हड़कंप मच गया है। शनिवार की देर रात 9:42 बजे स्वार कोतवाली में खंड शिक्षाधिकारी फोटू लाल की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है कि चंद्रशेखर आजाद के एक्स(ट्वीटर) एकाउंट से ट्वीट किया गया कि तहसील स्वार के रुस्तमनगर में स्कूली बच्चों द्वारा घूघा-पीलाखार नदी पर पुलों के अभाव में ग्रामीण लकड़ी व अन्य साधनों से बनाए गए पुलों के सहारे जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
प्रशासन ने जब संबंधित वीडियो की जांच कराई तो वह रामपुर का न होकर उत्तराखंड का निकला, जिस पर प्रशासन ने इसका खंडन कराया। आरोप है कि गौतम पुत्र राजेंद्र, शिवम पुत्र अजब सिंह, नूर हसन पुत्र छैला व शमीम उल हसन पुत्र नूरहसन निवासीगण रुस्तनगर निकट रायपुर और सुनील कुमार पुत्र रमेश निवासी जामिनगंज व एक अन्य अज्ञात ने संबंधित खबर को सच्ची घटना दिखाने व सनसनी फैलाने के उद्देश्य से नदी में बच्चों को खड़ा कर उनकी फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी कराई और उन्हें सोशल मीडिया एवं विभिन्न समाचार पत्रों में प्रसारित कराया। इससे जहां समाज में सनसनी फैली वहीं, बच्चों की जान भी जोखिम में डाली गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 125 और 353 के तहत मुकदमा दर्जकर लिया है।


