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लोकसभा चुनाव में पहली बार ठोकी आजम ने ताल, जीते भी

शहर विधायक मोहम्मद आजम खां ने पहली बार में ही बाजी मार ली। वह रामपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से भले ही नौ बार अवाम का प्रतिनिधित्व विस में कर चुके हैं लेकिन, पहला मौका होगा जब वह लोकसभा में रामपुर की आवाज बनेंगे। उन्होंने पहली बार में यह कामयाबी हासिल कर ली है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यलय से आजम खां ने छात्र राजनीति से अपने कॅरियर की शुरूआत की थी, लेकिन शहर विधानसभा क्षेत्र से वह पहली बार 1977 में चुनाव लड़े थे। हालांकि, तब कांग्रेस के मंजूर अली खां उर्फ शन्नू खां ने उन्हें शिकस्त दी थी।

आजम खां 1980 में जनता पार्टी सेक्युलर के टिकट पर फिर शहर विधानसभा सीट से चुनाव समर में उतरे और विधायक बने। इसके बाद 1985 में हुए विस चुनाव में वह लोकदल के टिकट से चुनाव लड़े और जीते। 1989 में जनता दल से उन्हें चुनाव में उतारा गया और वह चुनाव जीते। इसके बाद 1991 में जनता पार्टी से चुनाव लड़े, जीत दर्ज कराई।

वर्ष 1992 में अयोध्या कांड के बाद यूपी की सियासत में बड़ा बदलाव आया और आजम खां समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य बने और फिर 1993 के चुनाव में सपा के सिंबल पर शहर विस क्षेत्र से ही ताल ठोंकी, तब से लगातार वह सपा से ही चुनाव लड़ते रहे। अब वह पहली बार सपा, बसपा और रालोद गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़े और जनता ने उन्हें इतना समर्थन दिया कि बड़े अंतर से भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदा को हराकर चुनाव जीत गए।
 

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  • Web Title:rampur election result azam khan win