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22 सितम्बर, 2020|2:26|IST

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राम मंदिर भूमि पूजन पर इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष बोले- मस्जिद बनाने को ध्वस्त किया जा सकता है मंदिर

sajid rashidi statement on ram mandir

अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन का कार्य संपन्न हो गया और भव्य राम मंदिर की नींव रख दी गई है। इस बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद साजिद रशीदी का विवादित बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि मस्जिद बनाने के लिए मंदिर को तोड़ा जा सकता है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ हुआ था। सालों तक चली रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद की लंबी कानूनी लड़ाई में रामलला के पक्ष में फैसला आया था, जिसके बाद पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखी। 

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद साजिद रशीदी ने कहा, 'इस्लाम कहता है कि एक मस्जिद हमेशा एक मस्जिद होगी। इसे कुछ और बनाने के लिए नहीं तोड़ा जा सकता है। हमारा मानना है कि यह एक मस्जिद थी और हमेशा एक मस्जिद ही रहेगी। मस्जिद को मंदिर ध्वस्त करने के बाद नहीं बनाया गया था मगर अब मस्जिद बनाने के लिए मंदिर को ध्वस्त किया जा सकता है।

 

इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी और मुस्लिम पर्नसनल लॉ बोर्ड ने भी भूमि पूजन पर नाराजगी जाहिर की थी। वहीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी ट्वीट कर कहा है कि बाबरी मस्जिद थी, है और रहेगी। उन्होंने बुधवार सुबह ट्वीट किया, 'बाबरी मस्जिद थी, है और रहेगी, इशांअल्लाह।'

राम मंदिर भूमि पूजन से पहले मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने हागिया सोफिया का उदाहरण देकर कहा- बाबरी मस्जिद थी और हमेशा रहेगी

अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन से ठीक पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB‌) ने विवादित ट्वीट करते हुए कहा था कि बाबरी मस्जिद हमेशा थी और रहेगी। सु्प्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए बोर्ड ने कहा कि अन्यायपूर्ण, दमनकारी, शर्मनाक और बहुसंख्यक तुष्टीकरण के आधार पर भूमि का पुनर्निर्धारण करने वाला फैसला इसे बदल नहीं सकता है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने ट्वीट में तुर्की के हागिया सोफिया की चर्चा करते हुए कहा कि हमारे लिए यह एक बेहतरीन उदाहरण है कि स्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहती हैं। 

हागिया सोफिया म्युजियम यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स में शामिल था लेकिन तुर्की के राष्‍ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इसे एक बार फिर से मस्जिद में तब्‍दील कर दिया है। छठी शताब्दी में रोमन कैथोलिक राजा ने हागिया सोफिया का निर्माण चर्च के रूप में किया था, लेकिन जब 15 वीं शताब्दी में ऑटोमन साम्राज्य के मेहमत (द्वितीय) ने  इस इलाके को जीता तो उन्होंने चर्च को मस्जिद में बदल दिया। मुस्तफा कमाल पाशा ने जब 1923 में तुर्की की बागडोर संभाली तो उन्होंने रूढ़वादी चीजों पर प्रहार किया और वर्ष 1934 में हागिया सोफिया को म्यूजियम में तब्दील कर दिया। हालांकि अब एर्दोगान ने उस इतिहास को पलट दिया है।

हागिया सोफिया का उदाहरण देकर पर्सनल लॉ बोर्ड ने यह मंशा जाहिर की है कि एक दिन फिर राम मंदिर को बाबरी मस्जिद में तब्दील किया जा सकता है।बोर्ड के मोहम्मद वली रहमानी ने कहा, 'बाबरी मस्जिद को कभी भी किसी मंदिर को तोड़कर नहीं बनाया गया था।' उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में माना है कि मस्जिद में मूर्तियों को रखना गैरकानूनी था।

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  • Web Title:Ram Mandir Bhumi Pujan News temple will be demolished to build mosque says all india imam association president Sajid Rashidi