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राम सबके हैं, यह देश भी सभी का है; RSS नेता इंद्रेश कुमार के बयान पर बोले रामदेव

उन्होंने कहा कि भक्ति करने वाली पार्टी अहंकारी हो गई, उसे 241 पर ही भगवान ने रोक दिया, लेकिन उसे सबसे बड़ी पार्टी बना दिया और जिनकी राम में आस्था नहीं थी, उन सबको मिलकर भगवान ने 234 पर रोक दिया।

राम सबके हैं, यह देश भी सभी का है; RSS नेता इंद्रेश कुमार के बयान पर बोले रामदेव
Himanshu Jhaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्ली।Sat, 15 Jun 2024 08:27 AM
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लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नेता इंद्रेश कुमार के बयान पर हंगामा मचा हुआ है। आरएसएस ने खुद को इस बयान से किनारा कर लिया है। अब योग गुरु बाबा रामदेव की भी प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा है कि भगवान राम सबके हैं और देश भी सबका है। देश में विभाजन का बीज बोना राष्ट्र की एकता के लिए अच्छा नहीं है।

रामदेव ने शुक्रवार को हरिद्वार में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, 'राजनीति में बयानबाजी होती रहती है। भगवान राम सबक हैं। यह राष्ट्र सभी का है। हम सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। जाति, संप्रदाय और विचारधाराओं के आधार पर विभाजन पैदा करना राष्ट्रीय एकता के लिए ठीक नहीं है।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए रामदेव ने कहा, 'पिछले एक दशक में चुनौतियों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से आगे बढ़ाया है। मेरा दृढ़ विश्वास है वह देश को आगे ले जाना जारी रखेंगे।'

इंद्रेश कुमार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि जो पार्टी राम की पूजा करती थी, वह अहंकारी हो गई, ऐसे में 2024 के चुनाव में वह सबसे बड़ी पार्टी बन तो गयी, लेकिन जो उसे सत्ता (अकेले पूर्ण बहुमत) मिलनी चाहिए थी, उसे भगवान राम ने अहंकार के कारण रोक दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग राम का विरोध करते थे, उनमें से किसी को भी सत्ता नहीं मिली, यहां तक कि सभी को मिलाकर दूसरे नंबर पर खड़ा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भगवान का न्याय बडा सत्य है, बड़ा आनंददायक है।

उन्होंने स्पष्ट रूप से सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन दोनों पर निशाना साधा। हालांकि, उन्होंने किसी पार्टी का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि भक्ति करने वाली पार्टी अहंकारी हो गई, उसे 241 पर ही भगवान ने रोक दिया, लेकिन उसे सबसे बड़ी पार्टी बना दिया और जिनकी राम में आस्था नहीं थी, उन सबको मिलकर भगवान ने 234 पर रोक दिया ।

इंद्रेश के बयान से आरएसएस का किनारा
आरएसएस ने शुक्रवार को भाजपा के साथ अपने मतभेद की खबरों को खारिज कर दिया और इसे भ्रम पैदा करने की कोशिश करार दिया। संघ के सूत्रों ने इस बात को भी मानने से इनकार किया कि लोकसभा चुनाव परिणामों को लेकर सरसंघचालक मोहन भागवत की आलोचनात्मक टिप्पणियां सत्तारूढ़ पार्टी को निशाना बनाकर की गई थीं।

सूत्रों ने यह भी कहा कि आरएसएस और भाजपा सहित उसके सहयोगी संगठनों की तीन दिवसीय वार्षिक समन्वय बैठक केरल के पलक्कड़ जिले में 31 अगस्त से शुरू होगी। बैठक में भाजपा अध्यक्ष समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। आरएसएस सूत्रों ने कहा, "आरएसएस और भाजपा के बीच कोई दरार नहीं है।"