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भाजपा ने UP से हिमाचल तक किया खेला, पर कर्नाटक में अपने ही विधायक का नाटक; कहां किसे झटका

राज्यसभा चुनाव की वोटिंग में उत्तर प्रदेश से लेकर हिमाचल तक जबरदस्त क्रॉस वोटिंग हुई है। यूपी में सपा के 8 विधायकों ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया तो पहाड़ी राज्य हिमाचल में 9 ने ऐसा किया है।

भाजपा ने UP से हिमाचल तक किया खेला, पर कर्नाटक में अपने ही विधायक का नाटक; कहां किसे झटका
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 27 Feb 2024 01:41 PM
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राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से लेकर हिमाचल प्रदेश तक भाजपा ने दिलचस्पी बढ़ा दी है। यूपी में 10 राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध चुनाव की स्थिति थी, लेकिन यहां संजय सेठ के तौर पर 11वां कैंडिडेट उतारकर भाजपा ने सपा का खेल बिगाड़ने के संकेत दे दिया। फिर मंगलवार को जब वोटिंग शुरू हुई तो खेल भी होने लगा। सपा के 5 विधायकों ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और वोट भी भाजपा के पक्ष में डाला। ऊंचाहार से तीन बार के विधायक और सपा के वरिष्ठ नेता मनोज पांडेय ने तो पार्टी ही छोड़ने के संकेत दिए हैं। उन्होंने वोटिंग से पहले ही चीफ व्हिप के पद से इस्तीफा दे दिया। 

खबर है कि अब तक कुल 8 विधायकों ने भाजपा के पक्ष में वोट डाला है। चर्चा है कि कई विधायक भाजपा में ही जा सकते हैं। यही नहीं भाजपा ने हिमाचल तक में खेल किया है, जहां उसके 25 विधायक ही थे, जबकि कांग्रेस के पास 40 हैं। यहां कुल 9 विधायकों ने भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर दी। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि दो राज्यों में खेला करने वाली भाजपा के साथ कर्नाटक में नाटक हो गया है। यहां उसके विधायक एसटी सोमशेखर ने कांग्रेस कैंडिडेट के पक्ष में मतदान किया। इस बात को कर्नाटक में भाजपा के चीफ व्हिप डोड्डानागोड़ा जी पाटिल ने भी माना कि क्रॉस वोटिंग हुई है। हम इस पर ऐक्शन लेंगे।

BJP में जाकर क्या पाएंगे अखिलेश यादव के करीबी मनोज पांडेय, दो चर्चाएं

अब हिमाचल की बात करें तो यहां कांग्रेस को हिमाचल में पहले ही आशंका थी कि कुछ विधायक पाला बदल सकते हैं। इसी के चलते सोमवार को विधायक दल की मीटिंग बुलाई गई थी। उन्हें बताया गया था कि किस तरह से वोटिंग करनी है और कोई भी पाला न बदले। इसके बाद भी 9 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। वहीं भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी हर्ष महाजन ने कहा कि हमारे पक्ष में वोट नहीं थे, लेकिन चुनाव में उतर कर हमने रोचकता पैदा कर दी। मेरी उम्मीदवारी से हलचल बढ़ी है और यह रहनी चाहिए। कांग्रेस विधायकों से संपर्क की बात पर हर्ष महाजन ने कहा कि मेरी बात तो सभी से हो रही थी।

कभी कांग्रेस में ही थे महाजन, अब भाजपा का बढ़ा रहे 'हर्ष'

हर्ष महाजन कभी कांग्रेस में हुआ करते थे और उन्हें वीरभद्र सिंह का करीबी माना जाता था। कांग्रेस विधायकों से उनके अच्छे ताल्लुक रहे हैं। ऐसे में इस बात की आशंका बढ़ गई है कि हर्ष महाजन की उम्मीदवारी ने कांग्रेस की सरकार के आगे ही संकट खड़ा कर दिया है। कांग्रेस की सांसद प्रतिभा सिंह ने भी माना है कि हिमाचल में विधायकों का रुख अलग हो सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा के काम करने के तरीके को आप लोग जानते ही हैं। नतीजा ही बताएगा कि क्या हुआ है और किसने किसको वोट दिया है।

रामगोपाल यादव ने मान लिया- सपा का तीसरा कैंडिडेट जीतना मुश्किल

उत्तर प्रदेश में सपा 2 ही सीटें जीतने की स्थिति में है। यह खुद रामगोपाल यादव ने भी मान लिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारे जो कैंडिडेट जीत सकते थे, वे जीत चुके हैं। एक पर संशय है। वहीं अखिलेश यादव ने तो मनोज पांडेय पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनका और स्वामी प्रसाद का मुख्यालय शायद एक ही है। वहीं रामगोपाल ने कहा कि मनोज पांडेय का हम नाम नहीं लेंगे। उनका नाम हम लेना बंद कर देंगे तो वह अपने आप ही खत्म हो जाएंगे।

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