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राज्यसभा में बोले राजनाथ- NRC प्रक्रिया निष्पक्ष, कुछ लोग पैदा कर रहे हैं भय का माहौल

Union home minister Rajnath Singh speaks in Lok Sabha during the Monsoon session of Parliament, in N

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को इन बातों को साफ खारिज कर दिया कि जो वास्तव में देश के नागरिक हैं उनके खिलाफ असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर मसौदे को लेकर कड़ा कदम उठाया जाएगा। साथ ही, उन्होंने राजनीतिक पार्टियों की तरफ इस मुद्दे पर साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के लगाए जा रहे आरोपों की भी कड़ी निंदा की।
   
राज्यसभा में बोलते हुए राजनाथ ने कहा- “मैं दोबारा इस बात को कह रहा हूं कि किसी भी परिस्थिति में दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा। भय का माहौल पैदा करने की कोशिश निंदनीय है।”

एनआरसी का उद्देश्य बांग्लादेश और पड़ोसी क्षेत्रों से आए अवैध प्रवासियों का निकालना है। सोमवार को जारी किए गए दूसरे और अंतिम मसौदे में 2.89 करोड़ लोगों को इसमें शामिल किया गया जबकि 40.07 लाख लोगों को बाहर रखा गया है।

इसके साथ ही, गृहमंत्री ने प्रदर्शन कर रहे सदन के विपक्षी सदस्यों को ये बातें भी याद दिलाई की पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निगरानी में की गई थी। उन्होंने कहा- मैं इस बात को दोहराना चाहूंगा कि यह एक मसौदा है अंतिम नहीं। सभी को अपील करने का मौका दिया जाएगा। यह पूरी तरह से निष्पक्ष प्रक्रिया है और इस पर बेबुनियाद आरोप दुर्भाग्यपूर्ण है।

उसके बाद उन्होंने एनआरसी मुद्दे पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के लगातार समर्थन वाले रूख को भी सामने रखा। राजनाथ ने कहा- “असम समझौते के मुताबिक, एनआरसी की प्रक्रिया 1958 में ही शुरू की गई थी और उस वक्त प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी थे। उसके बाद इसे अपडेट करने का फैसला साल 2005 में डॉक्टर मनमोहन सिंह ने लिया था।”

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  • Web Title:Rajnath in the Rajya Sabha- NRC process is fair some people are creating an atmosphere of fear