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7 अगस्त, 2020|10:37|IST

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Rajasthan Crisis: राजस्थान के सियासी घमासान में क्या होगा आगे? फ्लोर टेस्ट पर कांग्रेस बंटी

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कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि राजस्थान में फ्लोर टेस्ट आयोजित करने पर पार्टी के अंदर दो तरह के विचार हैं। एक वर्ग तत्काल विश्वास मत के लिए जाने का सुझाव दे रहा है, जबकि दूसरा वर्ग अदालत की कार्यवाही पूरी होने तक के लिए इंतजार करने को कह रहा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से 'निराश' नहीं है। उन्होंने कहा कि वे हाई कोर्ट में कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'एक अनुकूल फैसले की उम्मीद है और संकट से निपटने के लिए हमने एक राजनीतिक योजना तैयार की है।'

अजय माकन ने यह भी कहा कि अगर पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट और 18 अन्य बागी विधायकों को किसी तरह की शिकायत थी तो वो पार्टी के मंच पर बात कर सकते थे, लेकिन अब स्पष्ट हो गया है कि हालिया घटनाक्रम के पीछे भाजपा का हाथ है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, 'हमें विश्वास है कि हमारे पास संख्या बल है। हम सदन में बहुमत साबित कर देंगे। हमें पूरा भरोसा है कि विधानसभा में हमें मिलने वाले मतों की संख्या बहुमत से भी 15-20 अधिक होगी।'

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'हम अदालत में नहीं गए थे। विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होने वाले विधायक अदालत में गए। यह राजनीतिक लड़ाई है और कानूनी लड़ाई इसका एक हिस्सा भर है।' माकन ने कहा, 'हाई कोर्ट का निर्णय कल आएगा। दो राय आई हैं। एक राय यह है कि अभी सदन में बहुमत साबित करने के लिए आगे बढ़ें और दूसरी राय यह है कि न्यायालय के फैसले का इंतजार कर लें ताकि कोई बहाना नहीं रह जाए।'

 

याचिका में 21 जुलाई के हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें स्पीकर ने 24 जुलाई तक पायलट और अन्य बागी विधायकों को उनके नोटिस पर कार्रवाई स्थगित करने के लिए कहा था। स्पीकर ने तर्क देते हुए कहा था कि अदालत का हस्तक्षेप समय से पहले है।

राजस्थान में राजनीतिक संकट से निपटने के लिए माकन और रणदीप सिंह सुरजेवाला को पार्टी के दो विशेष पर्यवेक्षकों के रूप में कांग्रेस नेतृत्व द्वारा नियुक्त किया गया था। कांग्रेस ने अब तक दावा किया है कि 200 सदस्यीय विधानसभा में 109 विधायक अशोक गहलोत सरकार का समर्थन कर रहे हैं और उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी अभी तक बहुमत परीक्षण की मांग नहीं की है।

यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी ने पायलट और अन्य बागी विधायकों के साथ फिर से संपर्क साधा है? माकन ने कहा, 'हम बार-बार उनसे अनुरोध कर रहे हैं कि वे हमसे बात करें और हमें उनकी शिकायतों के बारे में बताएं। हमने कभी नहीं कहा कि वे कांग्रेस का हिस्सा नहीं हैं।' कांग्रेस नेता ने कहा कि यह बागी विधायक थे जो पहले अदालत गए।

'पार्टी की बैठक में भाग लें पायलट और बागी विधायक'

उन्होंने कहा कि मैं पिछले 12 दिनों से यहां हूं और मैं किसी भी गुट का हिस्सा नहीं हूं। मेरी सहानुभूति युवा नेतृत्व के साथ है। इसी तरह, सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल भी युवा समूह का हिस्सा हैं। हमने उनसे कहा है कि आओ और हमसे बात करो और पार्टी की बैठकों में भाग लो। यह पूछे जाने पर कि युवा नेता कांग्रेस क्यों छोड़ रहे हैं? माकन ने कहा, 'क्या उन्होंने (पायलट) पार्टी छोड़ दी है? मुझे नहीं लगता कि उन्होंने अभी तक पार्टी छोड़ दी है। हम कांग्रेस में किसी पद या महत्व के लिए नहीं बल्कि उसकी विचारधारा के लिए हैं। यदि आप कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने के लिए बीजेपी जैसी एक विपरीत पार्टी की मदद लेते हैं, तो मुझे नहीं लगता कि आप कांग्रेस के शुभचिंतक हैं।'

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  • Web Title:Rajasthan Political Crisis: Congress divided over floor test in state