बारिश ने बढ़ाई धान रोपाई की रफ्तार, किसानों के खिले चेहरे
मानसून की बारिश ने कन्नौज जिले में धान रोपाई की गति तेज कर दी है। किसान बारिश के चलते उत्साह से काम कर रहे हैं, जिससे नलकूपों पर निर्भरता कम हुई है। कृषि विभाग ने 40 हजार हेक्टेयर में धान रोपाई का लक्ष्य रखा है, जिसमें 30 प्रतिशत काम अब तक पूरा हो चुका है।

गुगरापुर,कन्नौज। मानसून की झमाझम बारिश से जिले में धान रोपाई ने रफ्तार पकड़ ली है। खेतों में पर्याप्त पानी भरने के बाद किसान पूरे उत्साह के साथ रोपाई में जुट गए हैं। बारिश से नलकूपों पर निर्भरता कम होने के साथ सिंचाई की लागत भी घटी है। कृषि विभाग का अनुमान है कि मौसम अनुकूल रहा तो अगले 10 दिनों में जिले के अधिकांश खेतों में रोपाई का कार्य पूरा हो जाएगा। जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता ने बताया कि जिले में इस वर्ष 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान रोपाई का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 30 प्रतिशत क्षेत्र में रोपाई पूरी हो चुकी है।
जिन किसानों ने समय से नर्सरी तैयार कर ली थी, उन्होंने बारिश शुरू होते ही खेतों में रोपाई शुरू कर दी। गांवों में सुबह से शाम तक खेतों में महिलाओं और पुरुषों की टोलियां रोपाई में जुटी हुई हैं।उन्होंने बताया कि किसान 20 से 25 दिन की स्वस्थ नर्सरी की ही रोपाई करें। लाइन से रोपाई और एसआरआई (सिस्टम ऑफ राइस इंटेंसिफिकेशन) पद्धति अपनाने से धान की उपज में लगभग 20 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। किसान चाहें तो धान की सीधी बुवाई अपनाकर भी बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर किसानों को वैज्ञानिक खेती के तौर-तरीकों की जानकारी दे रही हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार समय पर हुई मानसूनी बारिश धान की फसल के लिए बेहद लाभकारी है। इससे खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहती है, पौधों की शुरुआती बढ़वार अच्छी होती है और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम हो जाता है।


