टेक्नीशियन सिग्नल भर्ती में कहीं 100 तो कहीं 42 दावेदार
रेलवे में टेक्नीशियन ग्रेड-एक (सिग्नल) की नौकरी के लिए परीक्षा में 1,092 पदों के लिए 46,138 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। मुंबई और भोपाल में प्रतिस्पर्धा उच्चतम रही, जहां एक पद के लिए क्रमशः 58 और 100 अभ्यर्थी हैं। ओबीसी अभ्यर्थियों की संख्या सबसे अधिक 17,112 रही।

प्रयागराज। रेलवे में टेक्नीशियन ग्रेड-एक (सिग्नल) की नौकरी पाने की राह कहीं बेहद कठिन है तो कहीं सीटों के मुकाबले अभ्यर्थियों की संख्या काफी कम है। रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से जारी सीबीटी के आंकड़ों में जोनवार प्रतियोगिता में बड़ा अंतर सामने आया है। देशभर में 1,092 पदों के लिए 46,138 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। यानी औसतन एक पद पर 42 अभ्यर्थियों के बीच मुकाबला है। सबसे कड़ी टक्कर भोपाल और मुंबई जोन में देखने को मिली है। मुंबई में 152 पदों के लिए 8,786 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। यहां एक पद पर करीब 58 अभ्यर्थी दावेदार हैं। वहीं भोपाल में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण रही। यहां महज 79 पदों के लिए 7,886 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जिससे एक पद पर करीब 100 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला बन गया है。
प्रतियोगिता का स्तर
अन्य बड़े भर्ती बोर्डों में चेन्नई में 5,805, चंडीगढ़ में 4,397 और बेंगलुरु में 3,199 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इसके उलट पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्से के कई भर्ती बोर्डों में अभ्यर्थियों की संख्या काफी कम रही। कोलकाता में सिर्फ 134, सिलीगुड़ी में 526, प्रयागराज में 578, मुजफ्फरपुर में 782 और जम्मू-श्रीनगर में 700 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।
कटऑफ में संभावित प्रभाव
अभ्यर्थियों की संख्या में इस बड़े अंतर का असर कटऑफ पर भी पड़ सकता है। जहां भोपाल और मुंबई में प्रतिस्पर्धा अधिक होने के कारण कटऑफ ऊंची रहने की संभावना है, वहीं कम अभ्यर्थियों वाले भर्ती बोर्डों में मुकाबला अपेक्षाकृत कम कड़ा हो सकता है।
श्रेणीवार आंकड़े
श्रेणीवार आंकड़ों में ओबीसी अभ्यर्थियों की संख्या सबसे अधिक रही। कुल 17,112 ओबीसी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जो कुल परीक्षार्थियों का 37 फीसदी से अधिक है। सामान्य वर्ग के 12,055, एससी के 10,560, एसटी के 3,260 और ईडब्ल्यूएस के 3,151 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इसके अलावा 417 पूर्व सैनिक और 459 दिव्यांग अभ्यर्थी भी भर्ती की दौड़ में शामिल हैं।


