कुशीनगर क़ो रेल परियोजना से जोड़ने को लेकर उठाई आवाज
कुशीनगर के बौद्ध स्थली को रेल परियोजना से जोड़ने का मुद्दा क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्श दात्री समिति की बैठक में उठाया गया। पूर्वोत्तर रेलवे के सदस्य अशोक मिश्र ने बताया कि कुशीनगर की विशेषताओं को बोर्ड के सामने रखा गया है। उन्होंने कहा कि रेल परियोजना से व्यापार और रोजगार में वृद्धि होगी।

कुशीनगर। बौद्ध स्थली कुशीनगर क़ो रेल परियोजना से जोड़ने के लिए क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्श दात्री समिति की गोरखपुर में आयोजित 112 वीं बैठक में बौद्ध स्थली कुशीनगर क़ो रेल परियोजना से जोड़ने के मुद्दे क़ो जोर शोर से उठाया गया। साथ ही रेल परियोजना से जोड़ने के लिए कुशीनगर की विशेषताओं क़ो प्रमुखता से बोर्ड के सामने रखी गई। यह बातें पूर्वोत्तर रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति पूर्वोत्तर रेल मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य कुशीनगर निवासी अशोक मिश्र ने शुक्रवार की देर शाम क़ो कुशीनगर स्थित होटल पथिक निवास में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। श्री मिश्र ने कहा कि मेरी मांग पर बोर्ड ने आश्वासन दिया कि बजट जारी होने पर गोरखपुर-कुशीनगर रेल परियोजना पर कार्य शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा।
कुशीनगर की विशेषताएँ
उन्होंने कहा कि बोर्ड की बैठक में हमने इस मुद्दे पर कुशीनगर की विशेषता पर प्रमुखता से चर्चा करते हुए कहा कि कुशीनगर भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली होने के कारण यहां लाखों देशी-विदेशी पर्यटक प्रतिवर्ष आते हैं, लेकिन रेल सुविधा नहीं होने से उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह बात भी रखा गया कि कुशीनगर रेल परियोजना से जुड़ जाने पर व्यापार, रोजगार में सुविधाएं तो बढ़ेगी ही साथ ्रक्षेत्र वासियों क़ो भी रोजगार का अवसर प्रदान होगा।
रेलवे की रिपोर्ट
उन्होंने कहा कि रेलवे के जीएम द्वारा अवगत कराया गया कि हमारे प्रस्ताव पर 2017 में ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार, रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड क़ो भेज दिया गया था। उन्होंने बताया कि पूर्व कि बैठक में भी मैने कुशीनगर रेल परियोजना के मुद्दे क़ो प्रमुखता से उठाया था कि कुशीनगर क़ो रेल मार्ग से जोड़ना जनहित में अति आवश्यक है।
लम्बी दूरी की ट्रेनें
इसके अलावा उन्होंने बताया कि हमने मांग किया था कि उत्तर प्रदेश और बिहार क़ो जोड़ते हुए गोरखपुर, कप्तानगंज, थावे स्टेशन पर लम्बी दूरी की ट्रेन संचालित हो और उक्त स्टेशनों पर उनका ठहराव भी हो, जिससे मुंबई, दिल्ली, सूरत और पंजाब आदि जगहों पर जाने में यात्रियों क़ो सुविधा मिलेगी। इस पर बैठक में बताया गया कि यह काम भी पूरा हो गया है।


