छह योजनाओं पर एक हजार करोड़ खर्च करेगा रेलवे
टाटानगर के पूर्व और पश्चिम क्षेत्र में रेलवे 50 किमी की परिधि में छह योजनाओं के तहत एक हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगा। इसमें अतिरिक्त रेल लाइनों का निर्माण और यातायात को सुचारु बनाने के लिए योजनाएं शामिल हैं। इससे राज्यों के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा और माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि होगी।

टाटानगर के पूर्व और पश्चिम क्षेत्र में 50 किमी की परिधि के भीतर रेलवे छह योजनाओं पर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगा। चक्रधरपुर मंडल में यात्री ट्रेनों का परिचालन सामान्य करने से संबंधी प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। योजना के तहत टाटानगर में चार अतिरिक्त रेल लाइनें बनाई जाएंगी, जबकि आदित्यपुर में सात नई लाइनें और एक एग्जामिनेशन यार्ड का निर्माण होगा। बिरबांस हॉल्ट को ब्लॉक स्टेशन बनाकर अप और डाउन दोनों दिशाओं में लूप लाइनें बिछाई जाएंगी। वहीं, आदित्यपुर से गम्हरिया तक थर्ड लाइन को जोड़ने के लिए दो डेड लाइनें बनाई जाएंगी, ताकि मालगाड़ियों को खड़ा करने में सुविधा हो。
योजनाओं का विस्तार
इसके अलावा, आसनबनी में एक नई लूप लाइन बनाई जाएगी तथा यार्ड पुनर्गठन के तहत एक अतिरिक्त लूप लाइने का निर्माण होगा। सीनी ग्रिड में तीन अप लूप लाइनें बनाने की भी मंजूरी दी गई है।
रेल यातायात का प्रमुख लक्ष्य
दरअसल, हावड़ा-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों का परिचालन सुचारु करना रेलवे का प्रमुख लक्ष्य है। इन योजनाओं के पूरा होने से राउरकेला से खड़गपुर तक रेल यातायात का दबाव कम होगा और ट्रेनों का संचालन अधिक समयबद्ध हो सकेगा। इससे झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल का देश के अन्य राज्यों से रेल संपर्क मजबूत होगा तथा माल ढुलाई क्षमता में भी वृद्धि होगी।
लूप लाइनों का निर्माण
अधिकांश लूप लाइनें थर्ड लाइन के समानांतर बनाई जाएंगी और उन्हें स्टेशनों व यार्ड से जोड़ा जाएगा। इससे मुख्य रेल लाइन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा। ट्रेनों की क्रॉसिंग और ओवरटेकिंग में लगने वाला समय घटेगा, जिससे यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी में सुधार होने की उम्मीद है। इसके लिए टाटानगर यार्ड के आसपास मौजूद 29 में से 9 डायमंड क्रॉसिंग को अक्तूबर 2026 तक हटाने का लक्ष्य रखा गया है।


