घूसखोरों के खिलाफ नजीर पेश करेगा एनसीआर
प्रयागराज में, उत्तर मध्य रेलवे ने तबादले में घूस मांगने के मामले की गहन जांच शुरू की है। इस मामले में सहायक लोको पायलट दंपती के तबादले से जुड़े विभिन्न कर्मचारियों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है। अब तक दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। तबादले के नाम पर घूस मांगने के मामले को उत्तर मध्य रेलवे महज दो कर्मचारियों के निलंबन तक सीमित नहीं रखेगा। रेलवे अब यह पता लगाने में जुटा है कि सहायक लोको पायलट दंपती के तबादले से जुड़े प्रकरण में रिश्वत मांगने की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे। विभागीय जांच में यदि किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। रेलवे प्रशासन इस मामले में ऐसी कार्रवाई की तैयारी में है, जो दूसरे कर्मचारियों के लिए नजीर बने।सीबीआई की ओर से की गई कार्रवाई के बाद उत्तर मध्य रेलवे की विभागीय स्तर पर जांच चल रही है।
इसमें तबादले से जुड़ी फाइल, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और निर्णय लेने की प्रक्रिया को खंगाला जा रहा है। यह भी देखा रहा है कि दंपती के तबादले को लेकर किस स्तर पर बातचीत हुई और रिश्वत की मांग तक मामला कैसे पहुंचा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक भ्रष्टाचार के मामलों में केवल आरोपी कर्मचारी पर कार्रवाई के बजाय पूरी प्रक्रिया की जांच जरूरी है। इससे यह पता चल सकेगा कि कहीं किसी स्तर पर मिलीभगत या संरक्षण तो नहीं था। सीबीआई की जांच में सामने आने वाले तथ्यों को भी विभागीय जांच में शामिल किया जाएगा। बता दें कि दंपती से घूस मांगने के आरोप में सीबीआई ने एपीओ अरविंद कुमार और कार्यालय अधीक्षक राजेंद्र मणि त्रिपाठी को जेल भेजा था।


