ट्रेन मैनेजरों को एमएसीपी में 4600-4800 ग्रेड पे नहीं मिलेगा
रेलवे के गार्ड्स को अब एमएसीपी के तहत 4600 और 4800 ग्रेड पे का लाभ नहीं मिलेगा। रेलवे बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए निर्दिष्ट किया कि गार्डों की कार्यात्मक आंतरिक पदोन्नतियों को इस लाभ की गणना में शामिल किया जाएगा, जिससे उनका अंतिम ग्रेड पे 4200 ही रहेगा।

प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। रेलवे के गार्ड (ट्रेन मैनेजर) को एमएसीपी (मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्कीम-नौकरी में तय अवधि पूरी होने पर मिलने वाला वित्तीय लाभ) के तहत 4600 और 4800 ग्रेड पे देने का रास्ता बंद हो गया है। रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए रेलवे के सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गार्ड कैडर में नौकरी के दौरान मिली कार्यात्मक आंतरिक पदोन्नतियों को एमएसीपी के लाभ की गणना में शामिल किया जाएगा। यानी जो कर्मचारी गुड्स गार्ड से पदोन्नति पाते हुए मेल/एक्सप्रेस गार्ड तक पहुंचे हैं, उन्हें केवल इस आधार पर 4600 और 4800 ग्रेड पे नहीं दिया जा सकता कि उनका अंतिम ग्रेड पे 4200 था।बोर्ड
ने स्पष्ट किया कि कोर्ट ने कहा कि छठे वेतन आयोग के बाद गार्ड कैडर के कई पदों का ग्रेड पे 4200 हो जाने से उनकी पदोन्नति का महत्व खत्म नहीं हो जाता। कोर्ट ने माना कि मेल/एक्सप्रेस गार्ड कैडर का सर्वोच्च पद है और उसका ग्रेड पे 4200 है। ऐसे में एमएसीपी के जरिए 4600 या 4800 ग्रेड पे देना वास्तविक पदोन्नति से मिलने वाले लाभ से आगे होगा। हालांकि, जिन्हें पहले ही यह लाभ मिल चुका है, उनसे इसकी वसूली नहीं की जाएगी। आल इंडिया गार्ड्स काउंसिल, उत्तर मध्य रेलवे के जोनल सचिव राजीव मिश्र ने बताया कि ट्रेन संचालन में ट्रेन मैनेजर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसलिए उनका ग्रेड पे ज्यादा होना चाहिए। इस प्रकरण में वे पे कमीशन से मांग करेंगे।


