दूसरे दिन भी रद्द रहीं एचएडी और एक पैसेंजर ट्रेन, यात्रियों ने झेली मुसीबत
एचएडी पैसेंजर ट्रेन के निरस्त होने के बाद गुरुवार की सुबह शहर के किला रेलवे स्टेशन पर पसरा सन्नाटा।दूसरे दिन भी रद्द रहीं एचएडी और एक पैसेंजर ट्रेन, य

हाथरस। साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पर रेलवे ट्रैक से मालगाड़ी के उतरने की हुई घटना के बाद लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी रेल यातायात प्रभावित नजर आया। शहर के हाथरस किला रेलवे स्टेशन से पुरानी दिल्ली जाने वाली एचएडी पैसेंजर और टूंडला से दिल्ली जाने वाली टीएडी पैसेंजर ट्रेन निरस्त रहीं। इसके अलावा कई पैसेंजर ट्रेन प्रभावित रही। इस वजह से यात्रियों को काफी ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रोडवेज बस और अन्य वाहनों का सहारा लेना पड़ा। बीते दिनों साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के रेलवे ट्रैक से उतरने की घटना हुई थी। जिसके बाद से उत्तर-मध्य रेलवे के दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर रेल यातायात प्रभावित है। कई पैसेंजर ट्रेन देर से चल रहीं है तो कई पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है.
मालगाड़ी के पटरी से उतरने का असर
मालगाड़ी के पटरी से उतरने का असर दूसरे दिन गुरुवार को भी हाथरस में देखने को मिला। इस कारण कई पैसेंजर ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। उत्तर-मध्य रेलवे के शहर के हाथरस किला स्टेशन से चलने वाली एकमात्र एचएडी पैसेंजर ट्रेन है, इस ट्रेन से प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं। एचएडी और टीएडी दोनों पैसेंजर ट्रेनें उत्तर मध्य रेलवे ट्रैक पर हाथरस के सभी प्रमुख स्टेशनों पर रुकती हैं। इनके रद्द होने से दैनिक यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ीं.
यात्री, रोडवेज बसें व अन्य वाहनों का लिया सहारा
गुरुवार की सुबह हाथरस किला और हाथरस जंक्शन रेलवे सअेशन पर पहुंचे यात्रियों को जब ट्रेनों के निरस्त होने की जानकारी मिली तो कई लोग बिना यात्रा किए ही वापस लौट गए। नौकरीपेशा लोग और अन्य यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए रोडवेज बसें और दूसरे वाहनों का सहारा लेने को मजबूर हुए। कई यात्री घंटों तक स्टेशन पर ट्रेन चलने का इंतजार करते रहे.
पूर्व से ट्रेन निरस्त होने की सूचना नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
यात्रियों ने बताया कि उन्हें ट्रेनों के रद्द होने की पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई थी। अगर उत्तर-मध्य रेलवे प्रशासन रात में ही ट्रेन निरस्त होने की सूचना जारी कर देता तो वे वैकल्पिक व्यवस्था कर सकते थें। अचानक ट्रेनें रद्द होने से लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा.


