जमालपुर लोको शेड में शंटिंग के दौरान आमने-सामने टकराए दो इंजन की होगी जांच
जमालपुर लोको शेड में शंटिंग के दौरान दो इंजनों की आमने-सामने टक्कर हुई। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सप्ताहभर के अंदर रिपोर्ट तलब की है। डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने जांच के आदेश दिए हैं। इस घटना से रेलवे को आर्थिक क्षति हुई है जो गंभीर परिणाम उत्पन्न कर सकती थी।

जमालपुर, निज प्रतिनिधि। पूर्व रेलवे मालदा मंडल के अधीन जमालपुर लोको शेड में मंगलवार को शंटिंग के दौरान एक ही रेल पटरी पर आमने-सामने आए दो इंजनों की टक्कर की घटना को लेकर रेलवे प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। घटना को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को मालदा मंडल के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने एडीआरएम एके मौर्या एवं सीनियर डीएमई केके दास को मामले की जांच का आदेश दिया है। सप्ताहभर के अंदर जांच रिपोर्ट तलब की गई है। जांच शुरू होते ही शेड के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच खलबली मची हुई है। यह जानकारी पूर्व रेलवे कोलकाता के सीपीआरओ सह डिप्टी जीएम (जी) शिवराम मांझी ने दी। उन्होंने कहा कि एक ही पटरी पर दो इंजनों का इस तरह आमने-सामने आ जाना सामान्य घटना नहीं है। इंजन और रेल पटरी को नुकसान पहुंचने के साथ रेलवे को आर्थिक क्षति हुई है। यदि ऐसी स्थिति किसी यात्री ट्रेन के साथ उत्पन्न होती तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे, इसलिए घटना के वास्तविक कारणों की जांच जरूरी है।
जांच का महत्वपूर्ण बिंदु
प्वाइंट क्लियर हुए बिना कैसे मिली दोनों इंजनों को मूवमेंट: रेलवे सूत्रों के अनुसार जांच का सबसे अहम बिंदु यही है कि दोनों इंजन एक ही लाइन पर आमने-सामने किस परिस्थिति में पहुंच गए। सामान्य शंटिंग प्रक्रिया में किसी इंजन को एक लाइन से दूसरी लाइन पर भेजने से पहले संबंधित प्वाइंट को सही दिशा में सेट और क्लियर किया जाता है। साथ ही शंटिंग मूवमेंट की अनुमति और संबंधित कर्मचारियों के बीच समन्वय जरूरी होता है। ऐसी स्थिति में दुर्घटना की संभावना तब बनती है, जब दो अलग-अलग दिशाओं से आने वाले शंटिंग मूवमेंट को एक ही ट्रैक पर प्रवेश की अनुमति मिल जाए, प्वाइंट गलत दिशा में हो, प्वाइंट समय पर नहीं बदला गया हो या मूवमेंट से पहले लाइन की स्थिति की सही पुष्टि नहीं हुई हो। मैन्युअल प्वाइंट होने की स्थिति में यह जांच भी महत्वपूर्ण होगी कि प्वाइंट वास्तव में बदला गया था या नहीं और बदलने के बाद उसकी स्थिति की पुष्टि किसने की।
जांच का आधार
मैन्युअल प्वाइंट बना जांच का अहम आधार: शंटिंग के दौरान प्वाइंट संचालन में किसी कर्मचारी की लापरवाही तो नहीं हुई। यदि प्वाइंट बदलने की जिम्मेदारी वाले कर्मचारी ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया या प्वाइंट बदलने के बाद उसकी स्थिति की पुष्टि नहीं की, तो जिम्मेदारी तय हो सकती है। इसके अलावा शंटिंग मास्टर, लोको पायलट, प्वाइंटमैन और संबंधित पर्यवेक्षकों के बीच हुए संचार की भी जांच की जाएगी। गौरतलब है कि मंगलवार सुबह करीब 11 से 12 बजे के बीच लोको शेड में इंजन संख्या 28279 और 27679 की शंटिंग की जा रही थी। इसी दौरान दोनों इंजन एक ही रेल लाइन पर आमने-सामने आ गए और टक्कर हो गई। गति कम होने के बावजूद टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक इंजन बेपटरी होकर झाड़ी-जंगल से घिरी जमीन की ओर चला गया। जिस लाइन पर दोनों इंजन टकराए, वह भी क्षतिग्रस्त होकर पलट गई। घटना के बाद लोको शेड में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही सीनियर डीएमई (डीजल) कृष्ण कुमार दास सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संबंधित कर्मियों से जानकारी ली तथा जमालपुर स्टेशन को सूचना देकर एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी) बुलाने की प्रक्रिया शुरू की। एआरटी करीब 3.40 बजे शेड के लिए रवाना हुई और देर रात बेपटरी इंजन को पटरी पर लाया गया।


