रेलवे स्टेशन पर पेयजल की गुणवत्ता और स्वच्छता की हुई जांच
आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वाराणसी मंडल में विशेष अभियान चलाया गया। स्वास्थ्य निरीक्षकों ने पेयजल की गुणवत्ता की जांच की और इसके लिए पानी के नमूने लिए। अभियान का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पानी उपलब्ध कराना है।

आजमगढ़, हिंदुस्तान संवाद। रेल यात्रियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाराणसी मंडल में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी आशीष जैन के निर्देशन पर मंगलवार को वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर अनुभव पाठक के नेतृत्व में आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ्य निरीक्षकों ने पेयजल की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच की।
स्वास्थ्य निरीक्षकों की जांच
अभियान के दौरान स्वास्थ्य निरीक्षकों ने स्टेशन परिसर में यात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता का मौके पर परीक्षण किया। इसके लिए पेयजल टंकियों, कूलरों, वाटर वेंडिंग मशीनों, चयनित नलों एवं वाटर बूथों से पानी के नमूने लिए। नमूनों की भौतिक, रासायनिक एवं बैक्टीरियोलॉजिकल जांच की गई।
पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करना
पेयजल में क्लोरीन की मात्रा एव ई कोली और कोलीफार्म बैक्टीरिया की मौजूदगी की जांच के लिए कोलीफार्म कीट का इस्तेमाल किया गया। मौके पर की गई इस जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि यात्रियों को उपलब्ध कराया जा रहा पानी निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और पीने योग्य हो।
स्वच्छता और रख-रखाव की जांच
स्वास्थ्य निरीक्षकों ने स्टेशन परिसर में स्थित पेयजल टंकियों और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का भी गहन निरीक्षण किया। इस दौरान टंकियों की आंतरिक एवं बाहरी स्वच्छता, ढक्कन की स्थिति, टंकियों के आसपास साफ-सफाई एवं पेयजल आपूर्ति से जुड़े उपकरणों के रख-रखाव की स्थिति देखी। जहां आवश्यक पाया गया, वहां स्वच्छता एवं रख-रखाव को लेकर संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। रेल प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को स्टेशन परिसर में स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना एवं पेयजल से संबंधित किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या की संभावना को कम करना है।


