मै माफी नहीं मांगूंगा: राहुल गांधी
- छात्रों पर फायरिंग वाले बयान पर कायम - गृहमंत्री को हटाने के साथ जांच

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में केंद्रीय गृह मंत्री पर लगाए गए आरोपों पर माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया है। राहुल ने साफ कहा कि वह हरगिज भाजपा, आरएसएस या उससे जुड़े किसी व्यक्ति से माफी नहीं मांगेंगे। इसके साथ उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों पर हुई बर्बरता के लिए गृह मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें पद से बर्खास्त करने की मांग की है। कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने छात्रों पर बल प्रयोग की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्चाधिकार प्राप्त समिति से जांच की भी मांग की। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते उनकी जिम्मेदारी है कि वह लोगों की मांग सदन में उठाए। पर उन्हें लोकसभा में अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्यों को बोलने दिया गया。
गृह मंत्री से माफी मांगने का इनकार
राहुल गांधी ने कहा कि उनसे कहा गया कि यदि वह माफी मांग लें तो उन्हें बोलने दिया जाएगा। बेहद साफ शब्दों में इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वह भाजपा, आरएसएस या उनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति से कभी माफी नहीं मांगेंगे। दूसरी बात यह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना उनका अधिकार है। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा दिल्ली की सड़कों पर विद्यार्थियों के साथ हुई कथित बर्बरता है।
छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल
राहुल ने अपना यह आरोप दोहराया कि विद्यार्थियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। राहुल गांधी ने कहा कि वह पैलेट गन से घायल युवक को मीडिया के जरिए पूरे देश के सामने पेश कर चुके हैं। ऐसे में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का यह कहना कि छात्रों पर गोली नहीं चलाई गई। इसका कोई मतलब नहीं है। हमने भी सरकार चलाई है। गृहमंत्री को निशाने पर लेते हुए राहुल गांधी ने कहा कि या तो गृहमंत्री ने पैलेट गन चलाने का आदेश दिया है या फिर उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। राहुल गांधी ने कहा कि दोनों ही स्थिति में अमित शाह को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस और आरएएफ गृह मंत्रालय के अधीन है, इसलिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।
छात्रों को डराया जा रहा
प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले छात्रों को डराने धमकाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए बजरंग दल को सक्रिय किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थी दोबारा आवाज न उठा सकें। उन्होंने कहा कि वह आरएसएस और उससे जुड़े लोगों की सोच जानते हैं। यह लोग प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर हमला करेंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
उच्चाधिकार प्राप्त समिति जांच करें
प्रधानमंत्री को सलाह देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें अमित शाह को बर्खास्त करते हुए विद्यार्थियों पर हुई कार्रवाई की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में उच्चाधिकार प्राप्त समिति से जांच करानी चाहिए। यह सवाल किए जाने पर कि क्या विपक्ष गृह मंत्री के त्यागपत्र तक संसद में कामकाज नहीं चलने देगा, इस पर उन्होंने कहा कि इसका निर्णय इंडिया गठबंधन की बैठक में होगा।
भाजपा को खरगे ने दोषी ठहराया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं और छात्रों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। या तो यह गृह मंत्री अमित शाह की मंजूरी से हुआ, या फिर उनके निर्देश के बिना हुआ। दोनों ही स्थितियों में गृह मंत्री की गैर-जिम्मेदारी झलकती है।


