Lok Sabha Election: नहीं बन सकी AAP-कांग्रेस के गठबंधन की बात, अब दोनों अकेले लड़ेंगे चुनाव

Last Modified: Mon, Apr 01 2019. 09:53 IST
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दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर पिछले कई दिनों से जारी खींचतान सोमवार को पूरी तरह से समाप्त हो गई हैं। 'आप' के संस्थापक सदस्य और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के साथ नई दिल्ली में गठबंधन से इनकार कर दिया है। आपको बता दें कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष शीला दीक्षित ने शनिवार को कहा था कि राजधानी की सात लोकसभा सीटों के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के साथ गठबंधन पर जो भी फैसला होगा उसकी औपचारिक घोषणा जल्दी कर दी जाएगी।

हवाईअड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान 'आप प्रमुख ने कहा कि उन्होंने हाल ही में गांधी से मुलाकात की थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने ''आप के साथ चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। दिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष शीला दीक्षित के उनसे संपर्क ना करने के बयान पर केजरीवाल ने कहा, ''हमने राहुल गांधी से मुलाकात की थी। दीक्षित इतनी महत्वपूर्ण नेता नहीं हैं।

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केजरीवाल लोकसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए लगातार कांग्रेस से गठबंधन करने की अपील कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों ने कहा था कि गठबंधन के मुद्दे पर दिल्ली कांग्रेस बंटी हुई है। दीक्षित और उनके तीन कार्यकारी अध्यक्ष गठबंधन का विरोध कर रहे हैं। पार्टी के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने हाल ही में कहा था कि दिल्ली के दीर्घकालिक परिणामों पर ध्यान देते हुए गठबंधन की संभावना कम है।

सूत्र ने कहा, 'बड़ा सवाल यह है कि गठबंधन के बाद आप 2020 चुनाव में कांग्रेस का मुकाबला कैसे करेगी। साथ ही, पार्टी को राजनीतिक रूप से ज्यादा फायदा नहीं होगा क्योंकि केजरीवाल द्वारा केवल 2-3 सीटों की पेशकश की जा रही है।'

तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रही शीला दीक्षित ने रविवार को अपने निवास पर मीडिया से बातचीत में 'आप' से गठबंधन के सवाल पर कहा था कि आज शाम या सोमवार तक इस संबंध में पार्टी के औपचारिक निर्णय का एलान कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि दिल्ली की सातों संसदीय सीटों पर फिलहाल भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर कांग्रेस के सांसद चुने गए थे लेकिन वर्ष 2014 के चुनाव  में वह एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी। देश भर में 11 अप्रैल से लेकर 19 मई के बीच कुल सात चरणों में लोकसभा चुनाव  संपन्न होंगे। दिल्ली में छठे चरण में 12 मई को वोट डाले जाएंगे।

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कांग्रेस के प्रत्याशियों की संभावित सूची तैयार
प्रदेश कांग्रेस की ओर से सातों लोकसभा सीटों के लिए संभावित प्रत्याशियों के नाम तय कर लिए गए हैं। हर लोकसभा सीट से 2-3 प्रत्याशियों का पैनल बनाकर कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति को भेज दिए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि भाजपा की तर्ज पर कांग्रेस ने भी पिछला चुनाव हार चुके सभी प्रत्याशियों के नाम इस बार फिर से संभावित प्रत्याशियों की सूची में जोड़ दिए हैं। बहरहाल, अब माना जा रहा है कि दिल्ली में कांग्रेस और ‘आप' के गठबंधन को लेकर अब सभी अटकलें खत्म हो गई हैं। 

देर रात तक चली बैठक : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित के निवास पर शनिवार देर रात तक तीनों कार्यकारी अध्यक्षों समेत तमाम वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं की बैठक हुई। जिसमें गठबंधन को एक बार फिर नकारते हुए तमाम नेताओं ने संभावित प्रत्याशियों के नामों का चयन किया। प्रदेश की ओर से भेजे गए नामों में अनुभवी और युवा चेहरों को बराबर तरजीह दी गई है। उधर, शनिवार देर रात शीला दीक्षित के घर हुई बैठक में भी गठबंधन को लेकर दोनों धड़ों में काफी गहमा-गहमी हुई। अंत में नामों की लिस्ट पर सभी ने मुहर लगा दी। 

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दिल्ली की लोकसभा सीटों के संभावित उम्मीदवार
पूर्वी दिल्ली: संदीप दीक्षित, अनिल चौधरी, अरविंदर सिंह लवली

उत्तरी-पूर्वी दिल्ली: जयप्रकाश अग्रवाल, मतीन अहमद, रागिनी नायक

नई दिल्ली: अजय माकन, अर्चना डालमिया

पश्चिमी दिल्ली:    महाबल मिश्रा, देवेंद्र यादव, महाबली सतपाल

उत्तरी-पश्चिमी दिल्ली: राजकुमार चौहान, राजेश लिलोठिया, तरुण कुमार

दक्षिणी दिल्ली: रमेश कुमार, योगानंद शास्त्री, बलराम तंवर 

चांदनी चौक    कपिल सिब्बल, हारुन युसुफ.
 

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