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मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी ने खटखटाया SC का दरवाजा, सजा पर रोक की लगाई गुहार

अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि राजनीति में शुचिता समय की मांग है। जस्टिस हेमंत प्रच्छक ने 53 वर्षीय गांधी की याचिका खारिज करते हुए टिप्पणी की, 'जनप्रतिनिधियों को स्वच्छ छवि का व्यक्ति होना चाहिए।'

मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी ने खटखटाया SC का दरवाजा, सजा पर रोक की लगाई गुहार
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 15 Jul 2023 05:34 PM
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मानहानि मामले में अपनी सजा पर रोक लगाने से गुजरात हाई कोर्ट के इनकार पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। SC में याचिका दायर करके उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी गई है। पार्टी सीनियर लीडर अभिषेक मनु सिंघवी ने बीते बुधवार को कहा था कि इस मामले में बहुत जल्द उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी। सिंघवी ने इससे जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा था, 'बहुत जल्द सुप्रीम कोर्य में याचिका दायर करेंगे। याचिका तैयार की जा रही है। शीघ्र ही इसे दाखिल किया जाएगा। इसके बाद उस पर जिरह होगी।'

गुजरात हाई कोर्ट ने मोदी सरनेम वाली टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाने की अपील 7 जुलाई को खारिज कर दिया था। गुजरात में भारतीय जनता पार्टी के विधायक पूर्णेश मोदी की ओर से दायर 2019 के मामले में सूरत की मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अदालत ने 23 मार्च को राहुल गांधी को 2 साल जेल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 499 और 500 (आपराधिक मानहानि) के तहत उन्हें दोषी ठहराया था।

कोर्ट ने कहा- राजनीति में शुचिता समय
अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि राजनीति में शुचिता समय की मांग है। जस्टिस हेमंत प्रच्छक ने 53 वर्षीय गांधी की याचिका खारिज करते हुए टिप्पणी की, 'जनप्रतिनिधियों को स्वच्छ छवि का व्यक्ति होना चाहिए।' अदालत ने यह भी कहा कि दोषसिद्धि पर रोक लगाना नियम नहीं, बल्कि अपवाद है, जो विरले मामलों में इस्तेमाल होता है। इसने कहा कि सजा पर रोक लगाने का कोई उचित आधार नहीं है। राहुल गांधी की सजा पर अगर रोक लग जाती तो लोकसभा सदस्य के रूप में उनकी बहाली का मार्ग प्रशस्त हो जाता।

संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित
फैसले के बाद राहुल गांधी को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। राहुल गांधी 2019 में केरल के वायनाड से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। गुजरात एचसी के फैसले पर अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि यह फैसला निराशाजनक जरूर है, किंतु अप्रत्याशित नहीं। उन्होंने कहा, 'यह मामला सिर्फ राहुल गांधी या किसी व्यक्ति विशेष का नहीं है, क्योंकि यह स्वतंत्र विचार और अभिव्यक्ति की बात है। इस सरकार का उद्देश्य है कि अभिव्यक्ति की आजादी पर नियंत्रण किया जाए। इसीलिए मानहानि के कानून का दुरुपयोग किया गया है।'
(एजेंसी इनपुट के साथ)

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