प्रधानमंत्री निवास तक पहुंची छात्रों के प्रदर्शन की आंच
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को छात्रों से मिलने के लिए संसद भवन से बाहर निकलते हुए पेपर लीक मुद्दे पर विरोध की बात की। बाद में उन्होंने प्रधानमंत्री निवास के बाहर धरना दिया और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा। धरने के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जब प्रदर्शन में घायल छात्रों से मिलने के लिए मंगलवार को संसद भवन से निकले तो सिर्फ इतना कहा कि विपक्ष पेपर लीक मुद्दे को खत्म नहीं होने देगा। लेकिन कुछ देर बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी प्रधानमंत्री निवास पहुंच गए। इस दुर्लभ घटना ने सभी को चौंका दिया।
पेपर लीक और राममंदिर का मुद्दा
पेपर लीक और राममंदिर के चढ़ावे में हेरफेर के मुद्दे पर हंगामे के बाद दोपहर दो बजे लोकसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित हो गई। तभी कांग्रेस सांसदों को संदेश मिला कि तीन बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निवास पर पहुंचें। खरगे का मंगलवार को जन्मदिन था। हालांकि, उन्होंने मनाया नहीं।
काँग्रेस नेताओं का प्रदर्शन
कांग्रेस अध्यक्ष के सरकारी निवास दस राजाजी मार्ग पहुंचने पर खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की अगुवाई में पैदल मार्च शुरू किया गया। जब तक पुलिस और सुरक्षाकर्मी कुछ समझ पाते तब तक कांग्रेस नेता गांधी लोक कल्याण मार्ग पहुंच गए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोक कल्याण मार्ग के इस द्वार का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आने-जाने के लिए करते हैं। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचते ही राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी। तब तक मीडिया भी वहां पहुंच गया।
मंत्रियों के साथ वार्ता
वार्ता के लिए पहुंचे मंत्री :
राहुल गांधी की अगुवाई में अचानक और बेहद संवेदनशील क्षेत्र में हुए इस प्रदर्शन से सरकार पर भी दबाव बढ़ा। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविद मोहन फौरन बात करने के लिए प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। नारेबाजी और शोर-शराबे की बीच जितेंद्र सिंह और राहुल गांधी की खड़े-खड़े कुछ देर बात हुई।
लोगों से जुटने की अपील
इस बीच, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर लोगों से प्रधानमंत्री निवास के सामने धरने में शामिल होने की अपील की। इसके बाद लोगों की भीड़ जुटने लगी। एनसीपी (शरद पवार) की नेता सुप्रिया सुले और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी धरना स्थल पर पहुंच गए। इस दौरान पुलिस ने भी अपनी घेराबंदी बढ़ा दी।
कांग्रेस की पांच मांगें
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राहुल गांधी ने सरकार के सामने पांच मांगें रखी हैं। पहली शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, दूसरा संसद के दोनों सदनों में चर्चा, गृह मंत्री का संसद में बयान, छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से सुना जाए और प्रदर्शन के दौरान हिंसा एवं पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग।
हिरासत में लिया गया
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के राहुल गांधी पर वादे से मुकरने के आरोप के बाद यह तय हो गया था कि सरकार उन्हें हटा सकती है। तब तक धरने को करीब साढ़े तीन घंटे हो चुके थे। तब तक भारी संख्या में पुलिस बल ने पहुंचकर नेताओं को घेर लिया और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी सांसदों को जबरदस्ती हिरासत में ले लिया।


