बदायूं सहित छह जिलों में एमडीएम के नमूने फेल
अलीगढ़ सहित छह जिलों में एमडीएम के नमूने फेल मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण ने संबंधित जिलों

अलीगढ़। वरिष्ठ संवाददाता। स्कूली बच्चों को दिए जाने वाला मध्यान्ह भोजन यानि मिडडे मील की भी गुणवत्ता को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार अलीगढ़ सहित छह जनपदों के विद्यालयों में लिए गए भोजन के नमूने प्रयोगशाला जांच में अधोमानक पाए गए हैं। प्राधिकरण के निदेशक प्रेम रंजन सिंह द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, वार्षिक कार्ययोजना वर्ष 2026-27 के अंतर्गत अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक की रिपोर्ट की समीक्षा की गई। इस समीक्षा में अलीगढ़, बदायूं, बहराइच, बाराबंकी, हाथरस और श्रावस्ती के कुल 18 से अधिक विद्यालयों के भोजन के नमूनों में गुणवत्ता की कमी पाई गई। इनमें सबसे अधिक आठ विद्यालय हाथरस जनपद के हैं। तीन विद्यालय बदायूं के हैं। जबकि अलीगढ़ जनपद का एक विद्यालय है。
भारत सरकार का आदेश
भारत सरकार के प्रोग्राम अप्रूवल बोर्ड (पीएमबी) की बैठक में इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए इन सभी विद्यालयों का पुनः निरीक्षण करने के आदेश दिए गए हैं। प्राधिकरण ने संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संबंधित विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन की विशेष निगरानी की जाए। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के माध्यम से भोजन के नमूने लेकर प्रयोगशाला में एडल्टरेंट्स (मिलावट) और बायोलॉजिकल कंटामिनेशन (जैविक संदूषण) की जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। यह रिपोर्ट बच्चों के स्वास्थ्य से सीधे जुड़े इस मामले में प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है। अब देखना यह होगा कि इस चेतावनी के बाद स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता में कितना सुधार आता है。
इन जिलों के विद्यालयों की स्थिति चिंताजनक
अलीगढ़- प्राथमिक विद्यालय नगला पटवारी,
बदायूँ- संविलियन विद्यालय वजीरगंज, खैरपुर खैरआती और प्राथमिक विद्यालय सराय नाहर खां-1।
बहराइच- उच्च प्राथमिक विद्यालय नानपारा देहात।
बाराबंकी: प्राथमिक विद्यालय दुन्दीपुर त्रिवेदीगंज और उच्च प्राथमिक विद्यालय दहिला।
हाथरस- प्राथमिक विद्यालय बरसै, उच्चतर प्राथमिक विद्यालय फरसौटी, प्राथमिक विद्यालय नौखेल, ओढ़पुरा, मोहनगंज, रमनपुर हाथरस, नगला जलाल और नगला फारम।
श्रावस्ती- प्राथमिक विद्यालय बरदेहरा।
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