41 दिनों में तीन किमी दूरी तय नहीं कर पाई जांच रिपोर्ट

हिन्दुस्तान, प्रयागराज
Follow us on Google News
share

प्रयागराज में एसआरएन अस्पताल में निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता की जांच के लिए भेजी गई ईंट की रिपोर्ट 41 दिन बाद भी नहीं आई है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने खराब ईंटों को लेकर नाराज़गी जताई थी, लेकिन निर्माण कार्य जारी है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में चल रहे काम के कारण प्री-लेबर रूम में करंट उतर रहा है।

41 दिनों में तीन किमी दूरी तय नहीं कर पाई जांच रिपोर्ट
41 दिनों में तीन किमी दूरी तय नहीं कर पाई जांच रिपोर्ट

प्रयागराज। एसआरएन अस्पताल में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश की कोई अहमियत नजर नहीं आती। क्योंकि एमएनएनआईटी को गुणवत्ता की जांच करने के लिए भेजी गईं दो ईंट की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई। डिप्टी सीएम में दो अगस्त को निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में लगाए जा रहे खराब ईंट को लेकर नाराज़गी व्यक्त की थी। साथ ही विशेषज्ञों से ईंट की जांच कराने का निर्देश दिया था। तीन अगस्त के शाम को सुरक्षा गार्डों की देखरेख में जांच के लिए ईंट को एमएनएनआईटी के लैब में भेजा गया था। लेकिन लेकिन 41 दिनों के बाद भी रिपोर्ट छह किलोमीटर की दूरी नहीं तय कर सकी। गुणवत्ता रिपोर्ट प्राप्त न होने का कारण भले कुछ हो लेकिन निर्माण एजेंसी की ओर से भवन का निर्माण लगातार जारी है। यहां तक कि बारिश के दौरान स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग और मानसिक रोग विभाग के ऊपर की मंजिल का निर्माण जारी रहा।

बिल्डिंग में उतरा करंट अंधेरे में प्री-लेबर रूम

स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में हो रहे निर्माण कार्य के चलते नीचे की बिल्डिंग में करंट उतर रहा है। करंट उतरने के कारण प्री-लेबर रूम और गैलरी की लाइट काट दी गई है। केवल ओटी में लाइट जलती है। निर्माण कार्य के चलते लेबर रूम के बाहर मिट्टी निकालने के लिए सात फीट गहरा गड्ढा भी खोद दिया गया है। इसलिए लेबर रूम के बाहर बैठने वाले तीमारदारों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

✦डिप्टी सीएम ने किसके बारे में नाराज़गी व्यक्त की थी?−
डिप्टी सीएम ने निर्माण कार्य में लगाए जा रहे खराब ईंट को लेकर नाराज़गी व्यक्त की थी।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव , CJP Protest Live और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia News41 दिनों में तीन किमी दूरी तय नहीं कर पाई जांच रिपोर्ट