सावन पुत्रदा एकादशी कल, 151 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग
महराजगंज में सावन मास की पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त को मनाई जाएगी। इस वर्ष 151 साल बाद ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति से भगवान विष्णु की पूजा का महत्व बढ़ गया है। श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी का पूजन करेंगे।

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। सावन मास के शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी इस बार 23 अगस्त को मनाई जाएगी। संतान की दीर्घायु, सुख-समृद्धि व आरोग्य की कामना से रखे जाने वाले इस व्रत को लेकर जिले भर के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस वर्ष पुत्रदा एकादशी पर करीब 151 साल बाद ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति से दुर्लभ शुभ संयोग बन रहा है, जिससे इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा-अर्चना का धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ गया है।
उदया तिथि की जानकारी
आर्यावर्त ज्योतिष केंद्र के संस्थापक आचार्य लोकनाथ तिवारी ने बताया कि उदया तिथि के मान अनुसार 23 अगस्त रविवार को पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। एकादशी तिथि 23 अगस्त की रात करीब 2 बजे से शुरू होकर 24 अगस्त की सुबह 4:18 बजे तक रहेगी। श्रद्धालु रविवार को दिनभर उपवास रखकर भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी का पूजन करेंगे। इसके बाद 24 अगस्त सोमवार को द्वादशी तिथि में विधि-विधान के साथ व्रत का पारण किया जाएगा।
संतान सुख की कामना से रखा जाता है व्रत
पुत्रदा एकादशी को संतान प्राप्ति व संतान की मंगलकामना से जुड़ा माना जाता है। संतान की इच्छा रखने वाले दंपती के साथ ही संतान के स्वास्थ्य, दीर्घायु व उज्ज्वल भविष्य की कामना करने वाले श्रद्धालु भी इस दिन व्रत रखते हैं। मान्यता है कि इस दिन निष्ठापूर्वक व्रत रखने व अन्न, वस्त्र व दक्षिणा का दान करने से भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त होती है और संतान के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त होता है।
पूजन विधि और सामग्री
एकादशी के दिन जिले के प्रमुख विष्णु मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। व्रत रखने वाले श्रद्धालु भगवान विष्णु को तुलसी दल, पीले फूल, फल व नैवेद्य अर्पित कर ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करेंगे। साथ ही विष्णु सहस्रनाम और एकादशी की कथा का श्रवण करेंगे।


