ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News देशपराली जलाने में हरियाणा से 10 गुना आगे पंजाब, कैसे दिल्ली-NCR तक हवा हो रही खराब

पराली जलाने में हरियाणा से 10 गुना आगे पंजाब, कैसे दिल्ली-NCR तक हवा हो रही खराब

दिल्ली में एयर पलूशन की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। सोमवार की सुबह भी दिल्ली-एनसीआर के लोग जहरीली हवा में ही सांस लेने को मजबूर दिखे। दिल्ली का AQI 400 से ज्यादा बना हुआ है।

पराली जलाने में हरियाणा से 10 गुना आगे पंजाब, कैसे दिल्ली-NCR तक हवा हो रही खराब
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 06 Nov 2023 09:42 AM
ऐप पर पढ़ें

दिल्ली के लिए सोमवार की सुबह भी प्रदूषण वाली ही रही है। राजधानी में AQI आज सुबह 485 रहा है, जबकि एनसीआर के शहरों गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और नोएडा में भी एयर पलूशन का लेवल 400 के आसपास बना हुआ है। दिल्ली में पलूशन से निपटने के लिए ग्रैप 4 की पाबंदियां लागू की गई हैं। दूसरे राज्यों से आने वाले डीजल के ट्रकों को रोका गया है। इसके अलावा बीएस-4 और बीएस-3 की डीजल कारों पर भी पाबंदी लगाई गई है। इस बीच दिल्ली के पलूशन को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। 

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने रविवार को कहा कि दिल्ली के पलूशन के लिए पंजाब में पराली जलने से ज्यादा हरियाणा और पश्चिम यूपी में पराली की घटनाएं जिम्मेदार हैं। वहीं भाजपा के नेता आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साध रहे हैं और उसे दिल्ली में पलूशन कम करने में नाकाम बता रहे हैं। हालांकि रविवार के ही डेटा की बात करें तो पंजाब में पराली जलाने की 3,230 घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा पूरे सीजन में यह आंकड़ा 17,403 तक पहुंच गया है। हरियाणा से तुलना करें तो यह आंकड़ा काफी ज्यादा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में रविवार को पराली जलाने की 109 घटनाएं सामने आई हैं, जबकि पूरे सीजन में पराली जलाने की घटनाएं 1500 से ज्यादा रही हैं।

दिल्ली में सांस लेना भी हुआ खतरनाक? हवा सामान्य से 5 गुना अधिक जहरीली

मनोहर लाल खट्टर सरकार का कहना है कि वह पराली जलाने वाले किसानों के चालान काट रही है। हरियाणा के 18 शहरों में पलूशन खतरनाक स्तर पर है, लेकिन राज्य सरकार का कहना है कि इसके लिए पंजाब जिम्मेदार है। जहां पराली जलाने की घटनाएं अधिक हो रही हैं। पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर डेटा के मुताबिक राज्य में इस सीजन में पराली जलाने की 17 हजार से ज्यादा घटनाएं हुई हैं। बीते साल की तुलना में यह आंकड़ा भले कम है, लेकिन हरियाणा के मुकाबले काफी ज्यादा है। हरियाणा के 1500 केसों के मुताबिक यह 10 गुना से भी ज्यादा अधिक हुआ।

पंजाब का ही डेटा बताता है कि राज्य में पराली जलाने की कुल घटनाओं में से 56 फीसदी अकेले नवंबर के ही पहले 5 दिनों में हो चुकी हैं। हालांकि 15 सितंबर से 5 नवंबर तक पराली जलाने के कुल मामले बीते साल की तुलना में काफी कम हैं। पंजाब में 2022 में पराली जलाने की 29,400 घटनाएं हुई थीं। उस लिहाज से देखें तो पंजाब में इस बार पराली जलाने की घटनाएं कम दर्ज हुई हैं, लेकिन हरियाणा की तुलना में अब भी काफी अधिक है। बता दें कि आम आदमी पार्टी का कहना है कि दिल्ली के पलूशन के लिए पंजाब से ज्यादा हरियाणा जिम्मेदार है क्योंकि वह ज्यादा पास है।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें