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पीएनबी स्कैमः बैंक ने माना, देश छोड़ चुके हैं नीरव, पैसे लौटाने की पेशकश की थी

PNB Scam


पंजाब नेशनल बैंक में 11500 करोड़ रुपये के महाघोटाले के बाद बैंक के एमडी सुनील मेहता ने आज सफाई दी। उन्होंने कहा कि  पंजाब नेशनल बैंक साफ बैंकिंग प्रतिबद्ध हैं। 2011 से चले आ रहे इस घोटाले को हमने खुद पकड़ा और जांच एजेंसियों के पास गए। मामले में संलिप्त बैंक के स्टाफ को भी हमने सस्पेंड कर दिया है। नीरव मोदी के पैसे लौटान की पेशकश को भी बैंक के एमडी ने स्वीकारा है और कहा कि उनके पास इसके लिए कोई पुख्ता प्लान नहीं था। मेहता ने ये भी कहा कि सीबीआई तक पहली शिकायत पहुंचने से बहुत पहले ही नीरव मोदी देश छोड़ कर जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि नीरव इसी साल एक जनवरी को देश छोड़कर जा चुके हैं। 

सुनील मेहता ने कहा कि बैंक अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहा है और इस समस्या ने निपटने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि हम कैंसर का इलाज कर रहे हैं और इसे पूरी तरह खत्म करेंगे। पीएनबी ने इस मामले में कुछ कर्मचारियों पर एक्शन लेने और उन्हें सस्पेंड करने की भी बात कही। 

बैंक एमडी सुनील मेहता ने कहा कि पीएनबी ने कई उतार चढ़ाव देखे हैं। यह बहुत ही संवेदनशील मामला है। बैंक ने इसकी पूरी जानकारी शेयर बाजार नियामक सेबी के साथ भी साझा की है। हमने 29 जनवरी को सीबीआई से जांच के लिए कहा और 30 जनवरी को एफआईआर दर्ज कराई। 

पीएनबी की गारंटी पर मिले कर्ज
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पीएनबी की बैंक गारंटी पर छह बैंकों ने कर्ज दिया। इनमें यूनियन बैंक ने 2300 करोड़ रुपये, इलाहाबाद बैंक ने 2000 करोड़ रुपये, भारतीय स्टेट बैंक ने 960 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था। साथ ही केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा भी इसमें शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर ईडी ने गीतांजली जेम्स के ऑफिस पर छापेमारी की है। जिन पीएनबी अधिकारियों को सस्पेंड किया उनके घर पर भी छापेमारी की गई है। 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी धन शोधन के मामले में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। ईडी ने पीएनबी में हुई 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के संबंध में नीरव मोदी एवं अन्य के खिलाफ मनी लॉड्रिंग का मामला दर्ज किया है। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी के आधार पर दर्ज किया गया है। सीबीआई ने 31 जनवरी को अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी,  उनकी पत्नी, भाई और एक व्यापारिक भागीदार के खिलाफ पीएनबी के साथ 280.70 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। 

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ऐसे की धोखाधड़ी 
पीएनबी के अधिकारियों ने धोखाधड़ी कर अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी से जुड़े फर्मों को साख पत्र (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) दिया। इससे उन्होंने विदेशों में निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों से रुपया भुनाया। यह सब 2011 से काम कर रहे उप-महाप्रबंधक के स्तर के अधिकारियों के साथ साठगांठ कर किया गया। 

नीरव मोदी से जुड़े तीन फर्म, मे. डायमंड्स आर यूएस, मे. सोलर एक्सपोर्ट्स, मे. स्टेलर डायमंड्स ने बैंक को संपर्क कर बायर्स क्रेडिट की मांग की जिससे वे अपने विदेश के कारोबारियों को भुगतान कर सकें। शिकायत के मुताबिक नीरव मोदी, निश्चल मोदी, अमी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी इन फर्म में पार्टनर थे। इन फर्म को बैंक के बड़े अधिकारियों की मिलीभगत से बायर्स क्रेडिट प्रदान की गई, जबकि उनका कोई पुराना बेहतर क्रेडिट रिकॉर्ड नहीं था। इसके बाद हांगकांग की बैंक शाखाओं में धन का स्थानांतरण किया गया। 

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  • Web Title:punjab national bank md sunil mehta explanation on detected fraudulent transactions at mumbai branch by nirav modi