वित्त मंत्री चीमा के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
--दलित शख्स की आत्महत्या का है मामला --कांग्रेस ने चीमा को पद से हटाने की

चंडीगढ़, एजेंसी। एक दलित शख्स की आत्महत्या मामले में प्रदेश के वित्त मंत्री हरपाल चीमा को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट सहित अन्य नेताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान इन नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने घटना की निष्पक्ष जांच की भी मांग की। उन्होंने चीमा के सरकारी आवास की ओर मार्च करने और बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।
गुलजार सिंह का मामला
संगरूर जिले के दिरबा के रहने वाले गुलजार सिंह की सात सितंबर को कथित तौर पर जहर खाने से मौत हो गई थी। उनके परिवार का आरोप है कि एक दिन पहले दिरबा में एक कार्यक्रम के दौरान चीमा से उनके इलाके में ड्रग्स की सप्लाई के बारे में सवाल पूछने पर उन्हें परेशान किया गया और जातिसूचक बातें कहीं गईं।
सचिन पायलट का आरोप
प्रदर्शन के दौरान सचिन पायलट ने कहा कि गुलजार सिंह ने ड्रग्स की समस्या का मुद्दा उठाया था, लेकिन उन पर इतना दबाव डाला गया कि उन्हें अपनी जान देनी पड़ी। पायलट ने कहा कि हमारी चीमा से कोई निजी दुश्मनी नहीं है। लेकिन, आप पद पर बैठे हैं, आप वित्त मंत्री हैं। एक आदमी वीडियो बनाकर कह रहा है कि मैं इस व्यक्ति की वजह से अपनी जान दे रहा हूं। क्या कानून यह नहीं कहता कि जांच होनी चाहिए। पायलट ने आरोप लगाया कि आज, चिट्टा (सिंथेटिक ड्रग्स) घर-घर पहुंचाया जा रहा है। आप बस एक फोन कॉल करते हैं और यह हर घर तक पहुंच जाता है। उधर, इस प्रदर्शन ने गुटबाजी से जूझ रही पंजाब कांग्रेस को एकजुट कर दिया। राज्य इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी दोनों ही इस मार्च में शामिल हुए।


