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पुणे पोर्श हादसे को लेकर खुलासा, लड़के ने चाबी के लिए ड्राइवर से की लड़ाई; क्रेडिट कार्ड भी लिया

पुलिस कमीश्नर अमितेश कुमार ने कहा, 'ऐसा दिखाने की कोशिश की गई कि रविवार को पोर्श कार से हुए हादसे के समय गाड़ी को 17 वर्षीय किशोर नहीं चला रहा था और उसके बजाय एक वयस्क कार को चला रहा था।

पुणे पोर्श हादसे को लेकर खुलासा, लड़के ने चाबी के लिए ड्राइवर से की लड़ाई; क्रेडिट कार्ड भी लिया
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Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,मुंबईFri, 24 May 2024 05:23 PM
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पुणे के जिस लड़के ने तेज रफ्तार पोर्शे से 2 लोगों को कुचला, उसे लेकर अब बड़ा खुलासा हुआ है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, किशोर को रात में उसके दादा ने कार की चाबियां दीं। साथ ही उन्होंने उसे एक क्रेडिट कार्ड भी दिया था। लड़के ने ड्राइवर से भी चाबी के लड़ाई की थी। पुलिस की पूछताछ में दादा जी ने खुद ही यह खुलासा किया। उन्होंने कहा, 'मैंने नाबालिग को गाड़ी चलाने की इजाजत दी मगर मुझे अंदाजा नहीं था कि इसका ऐसा नतीजा देखने को मिलेगा।'

पुणे पुलिस ने उस भयावह रात की घटनाओं का एक क्रम तैयार किया है जब पोर्शे एक बाइक से टकरा गई थी, जिसमें 24 वर्षीय दो तकनीकी विशेषज्ञों की मौत हो गई थी। पुलिस टीम ने 17 वर्षीय किशोर के दादा और ड्राइवर से इसे लेकर गुरुवार को पूछताछ की। अधिकारियों ने बताया कि यह लड़का अपने 2 दोस्तों के साथ 12वीं कक्षा के बोर्ड एग्जाम रिजल्य का जश्न मनाने के लिए बाहर गया था।

घटना को लेकर अधिकारियों ने क्या कहा 
पुलिस कमीश्नर अमितेश कुमार ने कहा, 'ऐसा दिखाने की कोशिश की गई कि रविवार को पोर्श कार से हुए हादसे के समय गाड़ी 17 वर्षीय किशोर नहीं चला रहा था और उसके बजाय एक वयस्क कार को चला रहा था। आंतरिक जांच में मामला दर्ज करने में कुछ पुलिस कर्मियों की चूक की ओर इशारा किया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।' उन्होंने कहा कि हमारी जांच के दौरान यह बात साफ हो गई है कि किशोर ही कार चला रहा था और हमने घटनाक्रम से संबंधित सभी जरूरी साक्ष्य जुटा लिए हैं। उदाहरण के लिए जब किशोर घर से निकला था तो रजिस्टर में उसके कार के साथ घर से निकलने की एंट्री है।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि मामले को पुख्ता बनाने के लिए सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। एसीपी स्तर के अधिकारी को जांच सौंपी जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या सबूतों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट करने का कोई प्रयास किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत में पुलिस का पक्ष प्रभावी तरीके से रखने के लिए विशेष वकीलों की नियुक्ति की जाएगी। कुछ पुलिस कर्मियों को गलत तरह से काम कराने के लिए मनाने के आरोपों के बारे में शिकायतों पर कुमार ने कहा कि पुलिस ने शुरू से ही सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, ‘यह कहना सही नहीं है कि पुलिस पर दबाव था या पुलिस की ओर से लापरवाही हुई। लेकिन यह पता लगाने के लिए जांच जारी है कि पहली बार में धारा 304 लागू क्यों नहीं की गई।’
(एजेंसी इनपुट के साथ)