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Pune Porsche Case: चुप नहीं रहूंगा, सभी के नाम लूंगा; पोर्श कांड में गिरफ्तार हुआ डॉक्टर बोला

जांच के बाद डॉक्टर तवारे और डॉक्टर हलनोर ने नाबालिग आरोपी के ब्लड सैंपल को डस्टबिन में फेंक दिया था। साथ ही उसे किसी अन्य व्यक्ति के नमूनों के साथ बदल दिया था। सोमवार को दोनों को गिरफ्तार किया गया।

Pune Porsche Case: चुप नहीं रहूंगा, सभी के नाम लूंगा; पोर्श कांड में गिरफ्तार हुआ डॉक्टर बोला
Nisarg Dixitलाइव हिन्दुस्तान,पुणेTue, 28 May 2024 12:03 PM
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पुणे पोर्श हादसे को लेकर जांच जारी है। सोमवार को ही पुलिस ने ससून जनरल हॉस्पिटल के दो डॉक्टर और एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। अब खबर है कि गिरफ्तार हुए फॉरेंसिक प्रमुख डॉक्टर अजय तावरे ने 'सभी के नाम' लेने की बात कह दी है। कहा जा रहा है कि इस मामले में एक जनप्रतिनिधि का भी नाम सामने आ रहा है। हालांकि, इसे लेकर पुलिस ने आधिकारिक तौर पर किसी का नाम नहीं लिया है।

सबूतों से छेड़छाड़ और ब्लड सैंपल बदलने के आरोपी डॉक्टर तवारे और डॉक्टर श्रीहरि हालनोर के खिलाफ जांच तेज हो गई है। पुणे मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, तवारे ने ऑपरेशन के दौरान पुलिस को बताया है, 'मैं शांत नहीं बैठूंगा। मैंने चेतावनी दी है कि मैं सभी के नाम ले लूंगा।' खास बात है कि तवारे से मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस ने कर्मचारी अतुल घाटकाम्बले को गिरफ्तार किया था।

रिपोर्ट के अनुसार, यह भी पता चला है कि घाटकाम्बले ने ही इस डॉक्टर को रुपये दिए थे। अखबार के मुताबिक, उसने एक जन प्रतिनिधि का भी नाम लिया है और जांच शुरू हो गई है।

विशाल अग्रवाल ने साधा संपर्क
खबर है कि आरोपी नाबालिग के बिल्डर पिता विशाल अग्रवाल ने इस संबंध में डॉक्टर तावरे से संपर्क साधा था। रिपोर्ट के अनुसार, तब हुई पुलिस जांच से खुलासा हुआ था कि एक जनप्रतिनिधि ने डॉक्टर तावरे को नाबालिग आरोपी की मदद करने के लिए कहा था। 19 मई रविवार की अल सुबह हुई घटना के बाद नाबालिग आरोपी को ससून अस्पताल ही मेडिकल जांच के लिए लाया गया था।

ब्लड सैंपल के साथ छेड़
जांच के बाद डॉक्टर तवारे और डॉक्टर हलनोर ने नाबालिग आरोपी के ब्लड सैंपल को डस्टबिन में फेंक दिया था। साथ ही उसे किसी अन्य व्यक्ति के नमूनों के साथ बदल दिया था। बाद में जब डीएनए जांच कराई गई, तो साफ हुआ कि रक्त के नमूने दो अलग-अलग व्यक्तियों के थे। इसके बाद जांचकर्ताओं को सैंपल के साथ छेड़छाड़ का संदेह हुआ था, क्योंकि शुरुआती जांच में नाबालिग आरोपी के रक्त में एल्कोहल नहीं पाई गई थी।