छात्रावासों की कमी को लेकर डीयू प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन

हिन्दुस्तान, हल्द्वानी
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हल्द्वानी में बुद्ध पार्क में छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सत्य निकेतन क्षेत्र में एक छात्रावास भवन गिरने से हुए हादसे का मामला उठाया। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा बढ़ाने और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की, साथ ही खस्ताहाल छात्रावासों का निरीक्षण कराने का भी अनुरोध किया।

छात्रावासों की कमी को लेकर डीयू प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन

हल्द्वानी, संवाददाता। सत्य निकेतन हादसे और दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों व कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बुधवार को बुद्ध पार्क में छात्र संगठन के आह्वान पर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली नगर निगम का पुतला दहन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से भेजा। वक्ताओं ने छह सितंबर को सत्य निकेतन क्षेत्र में निजी छात्रावास की पांच मंजिला इमारत गिरने से छह छात्रों और एक आम नागरिक की मौत का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में करीब सात लाख छात्र पढ़ते हैं, जबकि विश्वविद्यालय के छात्रावासों में केवल सात से आठ हजार छात्रों के रहने की व्यवस्था है।

ऐसे में बड़ी संख्या में छात्र महंगे और असुरक्षित निजी हॉस्टल व पीजी में रहने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि खस्ताहाल छात्रावास भवनों के निरीक्षण में लापरवाही बरती गई। उन्होंने हादसे को व्यवस्था की विफलता बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही सात सितंबर को दक्षिणी परिसर में ठेके पर माली के रूप में कार्यरत रंजीत कुमार गौतम की करंट लगने से हुई मौत का मामला भी उठाया। प्रदर्शनकारियों ने डीयू कुलपति योगेश सिंह को बर्खास्त करने, विश्वविद्यालयों में पर्याप्त छात्रावास बनाने, मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और हॉस्टल-पीजी का निरीक्षण कराने की मांग की। प्रदर्शन में भीम आर्मी, मूल निवासी संघ, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, भाकपा-माले समेत विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल रहे।

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