सहारनपुर में धार्मिक स्थल तोड़ने की घटना के विरोध में वामपंथी दल ने किया प्रदर्शन
- जुलूस की शक्ल कलक्ट्रेट पहुंचकर किया नारेबाजी, जताया आक्रोश मऊ, संवाददाता। वामपंथी दलों एवं जनवादी संगठनों के सैकड़ो वामपंथी कार्यकर्ताओं ने सहारन

मऊ, संवाददाता। वामपंथी दलों एवं जनवादी संगठनों के सैकड़ो वामपंथी कार्यकर्ताओं ने सहारनपुर में लगभग 100 साल पुरानी धार्मिक स्थल को ढहा दिए जाने के विरोध में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचकर जमकर नारेबाजी कर आक्रोश जताया। इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को सम्बोधित एक ज्ञापन प्रस्तुत कर मामले की उच्च स्तरीय जांच कर कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा उसी स्थान पर धार्मिक स्थल का पुनर्निर्माण कराये जाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में कानून के शासन का पूरी तरह से ध्वस्त हो जाना अत्यंत चिंताजनक है।
भाजपा राज्य का राजनीतिक केंद्र बिंदु और कार्यशैली सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने की है। वक्ताओं ने सहारनपुर की जनता को सैल्यूट करते हुए कहा कि उन्होंने मर्मांतक पीड़ा सहन करने तथा संयम से काम लेते हुए इस घटना के पीछे छुपे साम्प्रदायिक विस्फोट की चाल को नाकामयाब कर दिया है। पूर्व विधायक इम्तियाज अहमद ने कहा कि सहारनपुर में, 1911 में बने धार्मिक स्थल जिसके दस्तावेज एक सदी से भी अधिक पुराने हैं, को नगर मजिस्ट्रेट (सिटी मजिस्ट्रेट) के आदेश पर रातोंरात ध्वस्त किया जाना संवैधानिक मूल्यों एवं न्याय पाने के समुचित अवसर पाने के अधिकार को दफन किए जाने के तुल्य है। कहा कि वामपंथी दल इस शर्मनाक जंगलराज की कड़े शब्दों में निंदा करते है। वामपंथी दलों को यकीन है कि निश्चित ही जनता भय और विभाजन की इस राजनीति को हराएगी। उन्होंने सभी विपक्षी और लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट होकर इन हमलों की निंदा करनी चाहिए, इनसे लड़ना चाहिए और संविधान व कानून के शासन की रक्षा करनी चाहिए। धरना सभा की अध्यक्षता माकपा के जिला मंत्री डा.अजीम खान और संचालन भाकपा के जिला मंत्री राम अवतार सिंह ने किया। धरना प्रदर्शन में विनोद कुमार राय, अजीम खान, रामकुमार भारती, राम सोच यादव, शिवमूरत गुप्ता, सिकंदर, वीरेंद्र कुमार, शेख हिसामुद्दीन, जयराम यादव, शेर मोहम्मद, राम प्रवेश यादव, सुबास चक्रदेवा, फखरे आलम, अनीस अहमद अंसारी, शाहिद शिब्ली, शमशाद अहमद, प्रसेन सिंह, रामजी सिंह, रामजीत चौहान, कैलाश चौहान, श्रीराम सिंह, सुग्गन यादव, अतवारी शर्मा, आशा चौहान, छवि शर्मा, जय प्रकाश राम आदि शामिल रहे।


