बीएफए प्रवेश की जांच की मांग, 72 घंटे का अल्टीमेटम
वाराणसी में बीएचयू के छात्रों ने बीएफए प्रवेश परीक्षा में धांधली के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। छात्रों ने कुलपति से मिलने का प्रयास किया, लेकिन गेट पर रोका गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रैक्टिकल में अयोग्य छात्रों को अधिक अंक दिए गए हैं और 25 अगस्त को सुरक्षा कर्मियों द्वारा छात्राओं से बदसलूकी की गई।
वाराणसी। बीएचयू में बीएफए प्रवेश परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए छात्र संगठनों ने बुधवार को एक बार फिर केंद्रीय कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। ज्ञापन लेकर कुलपति से मिलने पहुंचे छात्र-छात्राओं ने गेट पर ही रोके जाने के बाद जमकर नारेबाजी की। छात्र संगठनों ने प्रवेश में धांधली की जांच के अलावा 25 अगस्त को हुए प्रदर्शन के दौरान पुरुष सुरक्षाकर्मियों द्वारा छात्राओं से बदसलूकी के प्रकरण में भी कार्रवाई की मांग की। बीएफए प्रवेश परीक्षा देने वाली छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रैक्टिकल में अयोग्य अभ्यर्थियों को ज्यादा अंक देकर प्रवेश दिया गया। इस अनियमितता की शिकायत के बाद जांच के बजाए इसे दबाया जा रहा है।
25 अगस्त को इसी के लिए केंद्रीय कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने पर पुरुष सुरक्षाकर्मियों ने छात्राओं के साथ बदसलूकी की। आरोप लगाया कि इस दौरान वीडियोग्राफी करने वाले छात्रों का मोबाइल भी सुरक्षाधिकारियों ने छीन लिया। छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पांच सूत्री मांगपत्र सौंपा। मांग की है कि बीएफए प्रवेश की पारदर्शी जांच कराई जाए, सभी अभ्यर्थियों के अंक और कटऑफ सार्वजनिक किए जाएं। इसके साथ ही 25 अगस्त की घटना की जांच कर जिम्मेदार प्रॉक्टोरियल गार्ड्स और सुरक्षा अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर को भी हटाने की मांग की है। कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ उनकी अगुवाई में आए दिन मारपीट और बदसलूकी की जा रही है।


