पलवल में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में मीनार गेट पर प्रदर्शन
पलवल शहर में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में प्रदर्शन किया गया। विभिन्न संगठनों के समर्थकों ने प्रमुख बाजारों में बंद का आयोजन किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने नियमों को वापस लेने की मांग की और सरकार से चर्चा का आग्रह किया। इसके साथ ही, प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित हुआ।

पलवल, अजित कुमार। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के विरोध में सोमवार को पलवल शहर में सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों और जिला व्यापार मंडल के आह्वान पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के समर्थन में व्यापारियों द्वारा घोषित पलवल बंद का शहर के प्रमुख बाजारों में व्यापक असर देखने को मिला। मीनार गेट के समीप सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और करीब आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक धरना-प्रदर्शन कर यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से नए प्रावधान वापस लेने की मांग करते हुए 17 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों के हाथों में विभिन्न संदेश लिखे पोस्टर और बैनर थे। उन्होंने केंद्र और यूजीसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में ऐसे प्रावधान नहीं होने चाहिए, जिनसे विद्यार्थियों के बीच भेदभाव या सामाजिक तनाव की स्थिति पैदा हो। वक्ताओं ने政府 से मामले में पुनर्विचार कर संबंधित नियमों को वापस लेने की मांग की।
कई प्रमुख लोग हुए शामिल
मीनार गेट पर आयोजित धरने में जिला ब्राह्मण सभा युवा के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के मुख्य आयोजक अमन भारद्वाज, करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू, पूर्व विधायक नयनपाल रावत, मंच संचालक काले शर्मा, जिला व्यापार मंडल प्रधान बलराम गुप्ता, प्रदेश संगठन मंत्री प्रवीण गर्ग, शहरी अध्यक्ष विनोद जैन, रेडीमेड एसोसियन के अध्यक्ष जितेंद्र गर्ग उर्फ अन्नू, जिला ब्राह्मण सभा अध्यक्ष विनोद शर्मा, नगर परिषद के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष रमेश ठाकुर, शंभू पहलवान सहित विभिन्न सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वक्ताओं की चिंताएं
वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर समाज के एक बड़े वर्ग में चिंता है। उनका आरोप था कि इन नियमों का भविष्य में दुरुपयोग होने की आशंका है और इससे विद्यार्थियों के बीच अनावश्यक विरोध पैदा हो सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि नियमों को लागू करने से पहले सभी पक्षों से चर्चा की जाए।
प्रदर्शन का उद्देश्य
धरने के दौरान आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी जाति, वर्ग या समुदाय के खिलाफ नहीं है। उनका कहना था कि प्रदर्शन का उद्देश्य समानता, निष्पक्षता और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की मांग को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया और संबंधित नियमों को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
प्रमुख बाजारों में बंद का असर
जिला हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल की जिला व शहरी इकाई की ओर से बंद के आह्वान का पलवल के प्रमुख बाजारों में असर दिखाई दिया। मीनार गेट, जवाहर नगर कैंप और बस स्टैंड क्षेत्र के बाजारों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं। कुछ निजी कार्यालयों और चौराहों के आसपास इक्का-दुक्का शोरूम एवं प्रतिष्ठान खुले दिखाई दिए। हालांकि शहर में सामान्य आवाजाही पूरी तरह बाधित नहीं हुई और लोग अपने आवश्यक कार्यों के लिए आते-जाते रहे। बाजार बंद रहने के कारण शहर की सामान्य व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित रहीं। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और प्रदर्शनकारियों ने बंद को शांतिपूर्ण बताते हुए व्यापारियों का आभार जताया।
सुरक्षा की व्यवस्था
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जिला पुलिस अधीक्षक दीप्ति गर्ग के निर्देश पर मीनार गेट और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। डीएसपी नरेंद्र खटाना की देखरेख में पुलिस की विभिन्न टुकड़ियां मौके पर मौजूद रहीं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए स्वैट टीम और एंटी-राइट उपकरणों से लैस पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया था। मीनार गेट की ओर आने-जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई थी। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के आसपास यातायात और भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी।
नूंह एसपी की ड्यूटी
कार्यक्रम की सुरक्षा और निगरानी के लिए नूंह के जिला पुलिस अधीक्षक की भी विशेष ड्यूटी लगाई गई थी। उन्होंने पूरे दिन पलवल में रहकर कार्यक्रम की स्थिति पर नजर रखी और पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। पुलिस प्रशासन की ओर से प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। देर दोपहर तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहा और किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।


