एसपी देहात पर कार्रवाई की मांग, प्रदर्शनकारियों की एसपी सिटी से वार्ता
कमिश्नरी चौराहे पर हुई महापंचायत में प्रदर्शनकारियों ने एसपी देहात के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई बार नोकझोंक हुई। एसपी सिटी ने उनकी मांगें सुनीं, लेकिन प्रदर्शनकारी अड़े रहे। आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई। पुलिस ने क्षेत्र को छावनी में तब्दील किया।

कमिश्नरी चौराहे पर रविवार को हुई महापंचायत में प्रदर्शनकारियों ने एसपी देहात के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों के बीच कई बार नोकझोंक हुई। एसपी सिटी ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और उनकी मांगें सुनीं, लेकिन एसपी देहात के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर प्रदर्शनकारी अड़े रहे। चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा जरूरत पड़ी तो भूख हड़ताल भी शुरू की जाएगी। महापंचायत को देखते हुए कमिश्नरी चौराहे और आसपास के क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। भारी पुलिस बल, पीएसी और आरएएफ की तैनाती के बीच अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे। प्रदर्शनकारियों की भीड़ सड़क तक पहुंचने के बाद पुलिस ने व्यवस्था संभालने का प्रयास किया। इसी दौरान एसपी सिटी और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार बातचीत हुई। प्रदर्शनकारियों ने एसपी देहात के खिलाफ लगातार नारेबाजी करते हुए मामले में मुकदमा दर्ज करने और उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की मांग रखी।
प्रदर्शनकारियों की मांगें
आरोप था कि मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें महापंचायत का सहारा लेना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों के सामने अपनी मांगों को दोहराते हुए कार्रवाई का भरोसा मांगा। महापंचायत में बड़ी संख्या में युवक हाथों में बैनर लेकर पहुंचे। बैनरों पर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र और विभिन्न मांगें लिखी थीं। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर पहुंचकर भी नारेबाजी जारी रखी और पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखीं। स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।
पुलिस की कार्रवाई
एसपी सिटी ने वार्ता के दौरान उनकी शिकायतों और मांगों को सुना। हालांकि, एसपी देहात के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं दिखे। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदर्शन दोबारा किया जाएगा और भूख हड़ताल तक का कदम उठाया जाएगा।


