अररिया : संसाधनों के घोर अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण हमलोग बेबस: संघ

हिन्दुस्तान, भागलपुर
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बिहार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण पदाधिकारी संघ (बिसवा) ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। अररिया जिले के अधिकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताया है। संघ ने सरकारी व विभागीय अधिकारियों से मांगपत्र सौंपा है और अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो सामूहिक अवकाश की चेतावनी दी है।

अररिया : संसाधनों के घोर अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण हमलोग बेबस: संघ

अररिया से फुलेंद्र मल्लिक की रिपोर्ट बिहार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण पदाधिकारी संघ (बिसवा) के आह्वान पर कल्याण संवर्ग के अधिकारियों ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। चरणबद्ध आंदोलन के तहत अररिया जिले के सभी प्रखंड एवं अनुमंडल कल्याण अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर पूर्णत: शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से सांकेतिक विरोध दर्ज कराया और अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया।

मांगों का विवरण

संघ का कहना है कि राज्य की लगभग 20% अनुसूचित जाति एवं जनजाति आबादी के सर्वांगीण विकास का जिम्मा उठाने वाले अधिकारी संसाधनों के घोर अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण बेबस महसूस कर रहे हैं। पूर्व में जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार एवं विभाग को मांगपत्र सौंपा जा चुका है साथ ही विभागीय सचिव एवं मंत्री से भी संघ के अधिकारियों ने मुलाक़ात कर अपनी मांगों से अवगत करवाया।

बिसवा की प्रमुख मांगें

बिसवा की प्रमुख 7-सूत्रीय मांगें हैं कि उन्हें मूलभूत संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए, अनधिकृत कार्रवाइयों से मुक्ति व प्रोन्नति दिया जाए, बिना सक्षम अनुशासनिक प्राधिकार के शुरू की गई गैर-समानुपाती विभागीय कार्रवाइयों को रद्द किया जाए तथा नियमानुसार समयबद्ध प्रोन्नति दिया जाए, मुख्यालय प्रतिनियुक्ति में पारदर्शिता बरती जाए, 3-वर्षीय चक्रीय नीति लागू किया जाए तथा अव्यवहारिक अनुश्रवण कोषांग को भंग किया जाए, क्षेत्रीय भ्रमण के लिए वाहन/भत्ता दिया जाए, विद्यालय व छात्रावास प्रबंधकों की नियुक्ति बिना किसी देरी के किया जाए, संवर्ग नियमावली में सुधार व राजपत्रित का दर्जा दिया जाए, सहज एवं पारदर्शी स्थानांतरण नीति की व्यवस्था लागू की जाए।

संघ का संदेश

संघ के प्रदेश संयुक्त सचिव सह प्रखंड कल्याण पदाधिकारी भरगामा श्री नरेश कुमार, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी अररिया प्रवीण कुमार, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी पलासी प्रिंस कुमार, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सिकटी मनीष भारद्वाज, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी रानीगंज कैसर आलम, अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी अररिया रंजीत कुमार वर्मा , अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी फारबिसगंज बसंत कुमार आदि संयुक्त रूप से कहा है कि यदि विभाग द्वारा इन न्यायसंगत एवं जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो बिसवा राज्य स्तर पर सामूहिक अवकाश पर जाने के लिए बाध्य होगा।

सामान्य प्रश्न

✦बिसवा की प्रमुख मांगें क्या हैं?−
बिसवा की प्रमुख 7-सूत्रीय मांगें हैं कि उन्हें मूलभूत संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए, अनधिकृत कार्रवाइयों से मुक्ति व प्रोन्नति दिया जाए, बिना सक्षम अनुशासनिक प्राधिकार के शुरू की गई गैर-समानुपाती विभागीय कार्रवाइयों को रद्द किया जाए तथा नियमानुसार समयबद्ध प्रोन्नति दिया जाए।
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