एंटी करप्शन व बिजिलेंस की कार्रवाई के खिलाफ लेखपालों ने दिया धरना
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने एंटी करप्शन और विजिलेंस कार्रवाई के खिलाफ धरना दिया। धरने के बाद संघ ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा, जिसमें की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। संघ ने स्पष्ट और पारदर्शी मानक संचालन प्रक्रिया जारी करने की भी मांग की। लेखपालों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण की भी आवश्यकता बताई गई।

एंटी करप्शन, बिजिलेंस की कार्रवाई के खिलाफ व अन्य मांगों को लेकर शनिवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपालों ने तहसील परिसर में धरना दिया। धरने के बाद संघ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में अयोध्या की तहसील सोहावल में लेखपाल उत्कर्षदीप के विरुद्ध हुई कार्रवाई की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायत की सत्यता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, संभावित रंजिश तथा संबंधित कार्य में लेखपाल की भूमिका और अधिकार क्षेत्र की जांच की जानी चाहिए।
लेखपाल संघ ने एसीओ और विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करने की मांग भी रखी। साथ ही कहा कि जांच में यदि किसी कर्मचारी को झूठी शिकायत या साजिश के जरिए फंसाने की बात सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।संघ पदाधिकारियों ने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। ऐसे में सरकार को लेखपालों के लिए भयमुक्त, सुरक्षित और निष्पक्ष कार्य वातावरण सुनिश्चित करना चाहिए। धरना में तहसील अध्यक्ष ललित कुमार धलानिया, सचिव गौरव राणा, पंकज चौधरी, अनुज निगम, रोहित शर्मा, सचिन तोमर, मोहित, पीयूष शर्मा, जितेंद्र यादव, पूजा, पंकज आदि मौजूद थे।


