आगरा कैंट की घटना के विरोध में मालदा मंडल के स्टेशन मास्टरों ने किया सांकेतिक विरोध, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के साथ हुए अमानवीय व्यवहार के विरोध में ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन ने काली पट्टी पहनकर प्रदर्शन किया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि यदि भविष्य में ऐसे मामले हुए तो आंदोलन को बढ़ाया जाएगा।

जमालपुर, निज प्रतिनिधि।आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान स्टेशन मास्टर (एसएम) के साथ कथित अमानवीय व्यवहार एवं मारपीट की घटना के विरोध में ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन (एआईएसएमए) के आह्वान पर सोमवार को मालदा मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर कार्यरत स्टेशन मास्टरों ने काली पट्टी (ब्लैक रिबन) बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान
विरोध प्रदर्शन के दौरान रेलकर्मियों ने एआईएसएमए एकता जिंदाबाद, कथित आरपीएफ को निलंबित करो जैसे नारे लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एआईएसएमए जमालपुर के शाखा सचिव संजीव कुमार ने बताया कि मालदा मंडल सचिव के निर्देशानुसार पूरे मंडल में यह विरोध कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सुरक्षा सुनिश्चित करना
उन्होंने कहा कि आगरा कैंट में ऑन ड्यूटी स्टेशन मास्टर के साथ हुई घटना ने पूरे रेलवे परिवार को झकझोर दिया है। संगठन ने मांग की है कि दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित स्टेशन मास्टर को न्याय मिले। उन्होंने कहा कि संगठन का विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई में कथित आरपीएफ को रिमूवल फ्रॉम सर्विस जैसी कार्रवाई की जाय।
बदले की कार्रवाई की चेतावनी
उन्होंने बताया कि सुल्तानगंज से धनौरी रेलखंड तक ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टरों और स्टेशन सुपरिंटेंडेंट ने काली पट्टी बांधकर एकजुटता का प्रदर्शन किया। जमालपुर स्टेशन पर दीपक कुमार, कुमारी जूसी, मनीष कुमार, राकेश कुमार दीपक, संजीव कुमार एवं मुकेश कुमार ने विरोध में भाग लिया। वहीं रतनपुर स्टेशन पर संजय कुमार एवं रवि राजा, दशरथपुर में चिंटू कुमार, अभयपुर में प्रशांत कुमार सौरव, धरहरा स्टेशन पर ललित कुमार और मुंगेर स्टेशन पर राजीव कुमार देव ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया।
रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि स्टेशन मास्टर रेलवे परिचालन की रीढ़ हैं और ड्यूटी के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।


