पंचायत सहायकों ने पांच सूत्री मांगों पर ईको गार्डन में प्रदर्शन किया
सोमवार को इको गार्डन में पंचायत सहायक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि सरकार उनके मानदेय को बढ़ाकर 18,000 से 25,000 रुपये प्रति माह करें। वे स्थायी कर्मचारी का दर्जा, महिला पंचायत सहायकों के लिए स्थानांतरण और अन्य मांगें भी रख रहे हैं। प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार कोई आदेश जारी नहीं करती।

इको गार्डन में सोमवार को पंचायत सहायक कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे पंचायत सहायकों ने एकजुट होकर सरकार से मानदेय बढ़ाने समेत सेवा से जुड़ी पांच सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग की। पंचायत सहायकों का कहना है कि वे लंबे समय से ग्राम पंचायत स्तर पर ऑनलाइन और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें महज छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। यूनियन के मुताबिक पंचायत सहायक कल्याण समिति, पंचायत सहायक संगठन एवं पंचायत सहायक एकता वेलफेयर एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस आंदोलन का उद्देश्य पंचायत सहायकों की वर्षों से लंबित मांगों के समाधान के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।
पंचायत सहायकों के यूनियन ने पंचायत सहायकों की पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें राज्य कोष से प्रतिमाह 18 हजार से 25 हजार रुपये तक सम्मानजनक वेतनमान सुनिश्चित करना, कार्य की प्रकृति के आधार पर नियमितीकरण कर स्थायी कर्मचारी का दर्जा देना, महिला पंचायत सहायकों के लिए स्थानांतरण व्यवस्था लागू करने तथा नगर पंचायत से प्रभावित पंचायत सहायकों का समायोजन करने और ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) एवं ग्राम पंचायत अधिकारी (वीपीओ) की भर्ती शामिल हैं। जब तक मांगों को लेकर सरकार की ओर कोई आदेश जारी नहीं किया जाता तब तक अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।


