जेपी विश्वविद्यालय में आरएसए का धरना, विरोध में प्रतीकात्मक श्राद्ध
जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा में शोध विद्यार्थी संगठन ने शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समस्याओं के खिलाफ एक दिवसीय धरना आयोजित किया। संगठन ने कुलपति को 10 सूत्री मांगपत्र सौंपकर छात्रहित को लेकर शीघ्र समाधान की मांग की। कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक श्राद्ध कर्म करते हुए प्रशासनिक निष्क्रियता का विरोध किया।

छपरा, एक संवाददाता। जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा में व्याप्त शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समस्याओं के विरोध में बुधवार को शोध विद्यार्थी संगठन के बैनर तले एक दिवसीय धरना आयोजित किया। इस दौरान संगठन के प्रतिनिधियों ने कुलपति प्रो. प्रमेन्द्र वाजपेई को 10 सूत्री मांगपत्र सौंपते हुए विभिन्न छात्रहित से जुड़े मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग की।
धरने का आयोजन
धरना के दौरान आरएसए कार्यकर्ताओं ने कुलपति के विरोध में प्रतीकात्मक श्राद्ध कर्म किया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत प्रतीकात्मक पिंडदान और ब्राह्मण भोज का आयोजन करते हुए संगठन ने इसे विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक अव्यवस्था, प्रशासनिक निष्क्रियता और छात्रहितों की उपेक्षा के खिलाफ सांकेतिक लोकतांत्रिक विरोध बताया। नेताओं ने कहा कि वर्ष 2024 में भी इसी तरह का विरोध कार्यक्रम किया गया था। लेकिन विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। संगठन ने आरोप लगाया कि समय पर परीक्षा परिणाम प्रकाशित नहीं किए जा रहे हैं।शोधार्थियों के कार्य लंबित हैं, पीजीआरसी की बैठक नहीं हो रही है तथा छात्रावास आवंटन सहित कई महत्वपूर्ण मामले अधर में हैं।
अन्य मांगें
आरएसए ने डिजिलॉकर पर समयपूर्व अंकपत्र प्रदर्शित होने की जांच, परिणाम जारी किए बिना अगले सेमेस्टर की परीक्षा अधिसूचना पर रोक, लंबित पीजीआरसी बैठक आयोजित करने, ओबीसी छात्रावास का आवंटन, संबद्ध कॉलेजों में नामांकन शुल्क की जांच, रिक्त सीटों पर पुनः नामांकन, छात्राओं के लिए कॉमन रूम, परीक्षा एवं परिणाम प्रणाली का तकनीकी ऑडिट तथा लंबित परीक्षा परिणामों के शीघ्र प्रकाशन सहित 10 प्रमुख मांगें रखीं। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर छात्रों और शोधार्थियों के हित में चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरना में विश्वविद्यालय अध्यक्ष प्रीति यादव, संयोजक अंकित सिंह, सह संयोजक विशाल सिंह बॉक्सर, उज्ज्वल सिंह, गुलशन यादव, परमजीत सिंह कुशवाहा, प्रमेन्द्र सिंह, सुनील सिंह सहित विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-प्रतिनिधि उपस्थित थे।


