चार मजदूरों की बहाली की मांग, माझी परगना महाल ने 72 घंटे का दिया अल्टीमेटम
गालूडीह में क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र के चार मजदूरों को काम से हटाने के खिलाफ माझी परगना महाल ने मोर्चा खोला है। महाल ने केंद्रों को मांग भेजकर मजदूरों की बहाली की मांग की है, साथ ही 72 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया है। अगर मांगें पूरी नहीं हुई, तो अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है।
गालूडीह। क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र एवं दारीसाई कृषि विज्ञान केंद्र में वर्ष 1989 से कार्यरत चार आकस्मिक मजदूरों को काम से बैठाए जाने के विरोध में माझी परगना महाल ने मोर्चा खोल दिया है। महाल ने दोनों केंद्रों को पत्र भेजकर मजदूरों को तत्काल पुनः काम पर बहाल करने की मांग की है। साथ ही 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
मजदूरों की जानकारी
माझी परगना महाल के प्रखंड अध्यक्ष सह देश विचार सचिव बहादुर सोरेन ने कहा कि सनातन महतो, रविकांत सिंह, रतिकांत सिंह और स्वपन चंद्र वर्ष 1989 से केंद्र में कार्यरत हैं। वर्ष 2024 में इनको काम से बैठा दिया गया। इसके विरोध में चारों मजदूर 21 अगस्त से केंद्र के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
समझौते का हवाला
बहादुर सोरेन ने 2008 में हुए लिखित समझौते का हवाला देते हुए कहा कि समझौते के तहत चारों मजदूरों को क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र से कृषि विज्ञान केंद्र, दारीसाई में स्थानांतरित कर काम कराने पर सहमति बनी थी। दस्तावेज में मजदूरों को काम से हटाने का कोई उल्लेख नहीं है।
आंदोलन की चेतावनी
महाल ने कहा कि 35-36 वर्षों से सेवा दे रहे इन आदिवासी-मूलवासी मजदूरों को तत्काल बहाल किया जाए। मांग पूरी नहीं होने पर 16 सितंबर से दोनों केंद्रों का मुख्य द्वार अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की चेतावनी दी गई है।


