एनपीएस के विरोध में किया आक्रोशपूर्ण विरोध- प्रदर्शन
समस्तीपुर में बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के द्वारा एनपीएस के खिलाफ काला दिवस मनाया गया। कर्मचारियों ने आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग की। प्रदर्शन में नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि ओपीएस लागू नहीं होता, तो 12 दिसंबर को बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
समस्तीपुर, निप्र। बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर जिला महासंघ समस्तीपुर के बैनर तले मंगलवार को कर्मचारियों ने एनपीएस लागू किए जाने के विरोध में काला दिवस मनाया।
प्रदर्शन की प्रक्रिया
इस दौरान महासंघ स्थल से कर्मचारियों ने आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन निकाला। प्रदर्शन का नेतृत्व राजीव रंजन, लक्ष्मीकांत झा और रंजना कुमारी ने किया। प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रामनरेश दास ने की।
पुरानी पेंशन की मांग
जिला मंत्री ने कहा कि 1 सितंबर 2005 का दिन बिहार के कर्मचारियों के लिए काला धब्बा है। इसी दिन एनपीएस लागू कर कर्मचारियों से बुढ़ापे का सहारा पेंशन छीन लिया गया। उन्होंने एनपीएस और यूपीएस की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।
सरकार को चेतावनी
उन्होंने केंद्र सरकार से पीएफआरडीए कानून वापस लेने और एनपीएस के तहत जमा राशि राज्य सरकार को लौटाने की मांग की। कहा कि सांसद और विधायक शपथ लेने के बाद पेंशन का लाभ पाते हैं, जबकि 60 वर्ष तक सेवा करने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन से वंचित कर दिया गया है।
भविष्य के आंदोलन की योजना
जिला मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ओपीएस लागू नहीं किया तो 12 दिसंबर को देशभर के कर्मचारी दिल्ली के रामलीला मैदान में जुटकर बड़े आंदोलन का शंखनाद करेंगे। सभा को रंजना कुमारी, उत्कर्ष कुमार, शैलेंद्र कुमार, पवन कुमार, महेंद्र पंडित, रतन कुमार, रामसेवक चौधरी, दिलीप कुमार, पंकज कुमार, प्रभात कुमार सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। प्रदर्शन में विभिन्न विभागों के बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।


