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Hindi News देशराहुल और सोनिया से जुड़ी 752 करोड़ की संपत्ति जब्त, गांधी परिवार को ED से झटका

राहुल और सोनिया से जुड़ी 752 करोड़ की संपत्ति जब्त, गांधी परिवार को ED से झटका

इस मामले में यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा समाचार पत्र चलाने वाली एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के अधिग्रहण में धोखाधड़ी, साजिश और आपराधिक विश्वासघात के आरोप शामिल हैं।

राहुल और सोनिया से जुड़ी 752 करोड़ की संपत्ति जब्त, गांधी परिवार को ED से झटका
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 21 Nov 2023 07:29 PM
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नेशनल हेराल्ड मामले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी से जुड़ी कंपनी की 752 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली है। कुर्क की गई संपत्ति में दिल्ली और मुंबई में नेशनल हेराल्ड हाउस और लखनऊ में नेहरू भवन शामिल हैं। ईडी नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है। एसोसिएटेड जर्नल्स से संबंधित जब्त की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 752 करोड़ है।

इस मामले में यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा समाचार पत्र चलाने वाली एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के अधिग्रहण में धोखाधड़ी, साजिश और आपराधिक विश्वासघात के आरोप शामिल हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी के बयान के अनुसार, समाचार पत्र के प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) और इसकी होल्डिंग कंपनी यंग इंडियन के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक आदेश जारी किया गया था। बयान में कहा गया है, ‘‘जांच में खुलासा हुआ है कि एजेएल के पास अपराध से हुई आय अचल संपत्तियों के रूप में है, जो देश में दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जैसे कई शहरों में है। इनका मूल्य 661.69 करोड़ रुपये है। वहीं, यंग इंडियन के पास अपराध से प्राप्त आय 90.21 करोड़ रुपये एजेएल के ‘इक्विटी शेयर’ के रूप में है।’’

ईडी ने इस मामले में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी और अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से पूछताछ की थी और उनके बयान दर्ज किए थे।

भाजपा की चाल है- कांग्रेस

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी द्वारा एजेएल और यंग इंडियन की संपत्तियों को जब्त करने पर कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, "ईडी द्वारा एजेएल संपत्तियों की कुर्की की खबरें प्रत्येक राज्य में चल रहे चुनावों में निश्चित हार से ध्यान हटाने की उनकी हताशा को दर्शाती हैं। पीएमएलए कार्रवाई केवल किसी विधेय या मुख्य अपराध के परिणामस्वरूप हो सकती है। किसी भी अचल संपत्ति का कोई हस्तांतरण नहीं हुआ है। पैसों की कोई आवाजाही नहीं हुई है। अपराध की कोई आय नहीं है। असल में, ऐसा कोई शिकायतकर्ता नहीं है जो यह दावा करता हो कि उसे धोखा दिया गया है: एक भी नहीं!! यह चुनाव के बीच में ध्यान भटकाने के लिए भाजपा की चाल है।"