कबड्डी जैसे स्वदेशी खेल हमारी सांस्कृतिक पहचान के अभिन्न अंग:ललित कुमार
क्रीड़ा भारती के मेरठ प्रांत सह मंत्री ललित कुमार ने हापुड़ प्रवास के दौरान भारतीय पारंपरिक खेलों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कबड्डी जैसे खेलों को सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बताते हुए सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण में खेलों की भूमिका की चर्चा की। कार्यक्रम में खेलों के विकास और प्रयासों पर भी बात की गई।

क्रीड़ा भारती के मेरठ प्रांत सह मंत्री ललित कुमार के हापुड़ प्रवास के दौरान क्रीड़ा भारती हापुड़ द्वारा कार्यक्रम कराये गए। जिसमें क्रीड़ा भारती के उद्देश्य और कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रमों में हापुड़ के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने का आह्वान किया। प्रांत सह मंत्री ललित कुमार ने क्रीड़ा केंद्रों पर भारतीय पारंपरिक खेलों के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि कबड्डी जैसे स्वदेशी खेल हमारी सांस्कृतिक पहचान के अभिन्न अंग हैं, जिन्हें बढ़ावा देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
खेल केवल प्रतियोगिता या मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और सामाजिक एकता का सशक्त साधन भी है। जिलाध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने बताया कि क्रीड़ा भारती द्वारा देशभर में खेलों के प्रचार-प्रसार, खिलाड़ियों के विकास और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण के लिए विभिन्न प्रवास कार्यक्रमों एवं खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। क्रीड़ा भारती के कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं खेल विशेषज्ञ राज्य और जिला स्तर पर प्रवास कर स्थानीय खेल अकादमियों, स्कूलों और खिलाड़ियों से संपर्क करते हैं। इस दौरान क्रीड़ा भारती विभाग संयोजक डॉ सुदर्शन त्यागी, मेरठ प्रांत दिव्यांग प्रमुख एवं मेरठ मंत्री मनीष कुमार, जिला संरक्षक बृजेश गर्ग, नगर हापुड़ अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, जिला मंत्री मनप्रीत खैरा, सह मंत्री मनोज अग्रवाल, सुभाष सैनी, मोहित शर्मा, परवीन कुमार, अनुभव नरवाल, दीपांशु गर्ग, अंकुश, सिद्धार्थ, शिवा, गीता त्यागी समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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