झारखंड आंदोलन के वरिष्ठ नेता दामु बानरा पंचतत्व में विलीन
झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता दामु बानरा (65) का मंगलवार को निधन हो गया। उनका निधन क्षेत्र में शोक की लहर छोड़ गया। पिछले कुछ महिनों से वे अस्वस्थ थे और मंगलवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। शव को पारंपरिक रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें विधायक दशरथ गागराई भी शामिल हुए।

खरसावां। झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता, हो समाज के चिंतक एवं आजसू पार्टी के पूर्व केंद्रीय महासचिव दामु बानरा (65) का मंगलवार को निधन हो गया। उनके निधन से झारखंड आंदोलन से जुड़े लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, खूंटपानी प्रखंड के गाडा राजाबासा गांव निवासी दामु बानरा पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। करीब 10 दिन पहले अस्पताल में इलाज कराने के बाद वे घर लौटे थे। मंगलवार सुबह अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई। परिजन उन्हें तत्काल सदर अस्पताल चाईबासा ले जा रहे थे। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनका निधन हो गया।
बुधवार को गाडा राजाबासा गांव में पूरे पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, झारखंड आंदोलन से जुड़े साथी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग शामिल हुए।इस दौरान खरसावां विधायक दशरथ गागराई भी अंतिम संस्कार में पहुंचे और दिवंगत दामु बानरा को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। कहा कि दामु बानरा ने झारखंड आंदोलन और समाज के हित में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। दामु बानरा को झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में गिना जाता था। वे हो समाज के एक प्रखर बौद्धिक, चिंतक और सामाजिक सरोकारों से जुड़े व्यक्तित्व थे। उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।


