जाले:रतनपुर निवासी इंजीनियर का अमेरिका में हुआ निधन

हिन्दुस्तान, दरभंगा
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रतनपुर के पहले इंजीनियर और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक ई. राम मोहन लाल मल्लिक का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका निधन ह्यूस्टन, अमेरिका में 5 सितंबर को हुआ। उन्होंने अपने जीवन में कई उपलब्धियाँ हासिल कीं, जैसे कि 1963 में मद्रास विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करना और हजारों भारतीयों की सुरक्षित वापसी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना।

जाले:रतनपुर निवासी  इंजीनियर का अमेरिका में हुआ निधन

विजय कुमार ठाकुर,जाले। रतनपुर गांव के इतिहास के पहले इंजीनियर, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक और समाजसेवी ई. राम मोहन लाल मल्लिक का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने अमेरिका के ह्यूस्टन में 5 सितंबर की दोपहर 3:30 बजे अंतिम सांसें ली। उनके निधन की खबर से रतनपुर सहित उनके परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई है। ई. मल्लिक का जन्म 2 जनवरी 1942 को रतनपुर अभिमान के प्रसिद्ध मल्लिक कायस्थ परिवार में स्व. नागेश्वर लाल मल्लिक के घर हुआ था। वे सात भाइयों में सबसे बड़े थे। गरीबी और अभावों के बीच पले-बढ़े श्री मल्लिक ने ब्रह्मपुर स्थित ठाकुर बिंदेश्वर शर्मा हाई स्कूल से पढ़ाई की और 1958 में मैट्रिक में जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर गांव का नाम रोशन किया था।

परिजनों के अनुसार 1963 में उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से केमिकल और माइनिंग इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की और गांव के पहले इंजीनियर बने।वे मध्य-पूर्व होते हुए अमेरिका पहुंचे और ह्यूस्टन की विश्व प्रसिद्ध कंपनी फ्लोर कॉर्पोरेशन में डायरेक्टर, प्रोसेस टेक्नोलॉजी जैसे सर्वोच्च पद तक पहुंचे। 1990 में इराक-कुवैत युद्ध के दौरान जब वे कुवैत में पदस्थापित थे, तब उन्होंने हजारों फंसे भारतीयों को एकजुट कर उनकी सुरक्षित वतन वापसी में अहम भूमिका निभाई थी। 2003-04 में वे बिहार एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका के अध्यक्ष बने और बिहार-झारखंड समाज को एकजुट किया। वे अपने पीछे पत्नी सरस्वती देवी, पुत्र अरविंद मल्लिक, पुत्री हेमा मल्लिक एवं अलका मल्लिक सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। अमेरिका में ही बुधवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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