धालभूमगढ़ एयरपोर्ट मामले में डीएफओ भेज चुके हैं रिपोर्ट
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना की वन स्वीकृति प्रक्रिया में प्रगति हुई है। झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने वन प्रमंडल पदाधिकारी से मुलाकात कर लंबित बिंदुओं की जानकारी ली। परियोजना को जल्द मंजूरी की आवश्यकता है ताकि यह एयरपोर्ट निर्माण में मदद कर सके। राज्य सरकार से शीघ्र कार्रवाई की अपील की गई है।

धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना की वन स्वीकृति प्रक्रिया में प्रगति हुई है। सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष मानव केडिया के नेतृत्व में मंगलवार को जमशेदपुर के वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) सबा आलम अंसारी से मुलाकात कर लंबित बिंदुओं की स्थिति की जानकारी ली। डीएफओ ने चैंबर को बताया कि उनके स्तर से सभी लंबित बिंदुओं पर आवश्यक जानकारी और जवाब तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिए गए हैं। अब वन विभाग और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय स्तर पर आगे की कार्रवाई होनी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि उनके कार्यालय की ओर से परियोजना में कोई विलंब नहीं होगा।
चैंबर ने इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य सरकार से लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का अनुरोध किया था, ताकि 99.256 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव बिना बाधा आगे बढ़ सके। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण अधिकांश तकनीकी बिंदुओं का अनुपालन पहले ही प्रस्तुत कर चुका है, जबकि हाथी गलियारे, मानव-हाथी संघर्ष, वन्यजीवों की उपस्थिति और अन्य वन संबंधी जानकारी राज्य वन विभाग के स्तर से उपलब्ध कराई जानी थी। चैंबर अध्यक्ष ने वन विभाग की तत्परता पर संतोष जताते हुए कहा कि अब राज्य स्तर पर लंबित जानकारी का शीघ्र परीक्षण कर परिवेश पोर्टल पर अपलोड किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना सिंहभूम में बेहतर हवाई संपर्क, निवेश, पर्यटन और रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य सरकार से इसकी समयबद्ध निगरानी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।


