चुप ताजिया जुलूस संग अय्यामे अजा का दौर खत्म
प्रयागराज में चुप ताजिया का जुलूस इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों की शहादत की याद में निकाला गया। अकीदतमंदों ने मातम और नौहे के गमजदा अशरार पर सिसकियां लीं। 68 दिनों की अज़ादारी का यह अंतिम दिन था, जो अनेक अंजुमनों की भागीदारी से सम्पन्न हुआ।

मातम और नौहे के गमजदा अशरार पर लेते रहे सिसकियां अंजुमनों ने नौहाख्वानी और सीनाजनी कर इमाम हुसैन को किया याद
शोक का जुलूस
चुप ताजिया व अमारी जुलूस में जुटे अकीदतमंद
प्रयागराज, संवाददाता। कर्बला में इमाम हुसैन और 71 साथियों की शहादत की याद में शोक के अंतिम दिन चुप ताजिया का जुलूस अकीदत के साथ निकाला गया। रानीमंडी इमामबाड़ा मिर्ज़ा नकी बेग से निकाले गए जुलूस में लोग मातम और नौहे के गमजदा अशरार पर सिसकियां लेते रहे। चुप ताजिया जुलूस के साथ अय्यामे अजा का दौर खत्म हुआ।
अज़ादारी का समापन
68 दिनों तक चली अज़ादारी के अंतिम दिन चुप ताजिया व अमारी जुलूस में हुसैनियों का स्याह सैलाब उमड़ा। अंजुमनों ने नौहाख्वानी और सीनाजनी कर इमाम हुसैन को याद किया। बशीर हुसैन की सरपरस्ती में दरियाबाद स्थित हवेली से अमारी जुलूस तूराब हैदर की कयादत में निकाला गया। रानीमंडी से निकला चुप ताजिया का जुलूस बच्चा जी धर्मशाला, डॉ.चड्डा रोड, कोतवाली, नखासकोहना खुल्दाबाद, हिम्मतगंज होते हुए चकिया करबला पर समाप्त हुआ।
अंजुमनों की भागीदारी
इस मौके पर मौलाना रजा अब्बास जैदी ने शहादत ए इमाम हसन अस्करी की शहादत का जिक्र किया। अब्बन, हसन रिजवी, ज़मन, बब्लू, मूसी, अनवर, अली, जहीर अब्बास, शमशाद आदि नौहाख्वानों ने कदीमी नौहा पढ़ते हुए अश्कों का नजराना पेश किया। अलम ताबूत व चुप ताजिया के फूलों को करबला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंजुमन शब्बीरिया रानीमंडी, अंजुमन गुन्या ए कासिमया बख्शी बाजार, अंजुमन मजलूमिया रानी मंडी, अंजुमन अब्बासिया रानीमंडी, अंजुमन गुलजार ए कासमी, अंजुमन हुसैनिया कदीम दरियाबाद, अंजुमन हाशिमया दरियाबाद ने जुलूस में शिरकत की। अंजुमन के प्रवक्ता सैय्यद मोहम्मद अस्करी के अनुसार शहादत इमाम हसन ए अस्करी इब्ने नकी की शहादत के साथ 68 दिनों से चली आ रही अजादारी अब खत्म हो गई।


