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सोनभद्र नरसंहार: योगी सरकार पर प्रियंका गांधी का हमला- अपराध रोकिए, मुझे नहीं

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उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में सामूहिक हत्याकांड के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को मिर्जापुर में प्रशासन ने रोक लिया और उन्हें हिरासत में ले लिया गया। अदलहाट क्षेत्र के नारायनपुर में खुद को रोके जाने के विरोध में प्रियंका धरना पर बैठ गयीं। बाद में उन्हें चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया और वहां पर भी प्रियंका गांधी धरने पर बैठ गईं। उनका कहना है कि वे पीड़ित परिवार वालों से मिले बिना नहीं जाएंगी। यूपी पुलिस द्वारा पीड़ित परिवार वालों से मिलने से रोके जाने की घटना पर प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है और योगी सरकार पर हमला बोला है। 

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'उत्तर प्रदेश सरकार की ड्यूटी है अपराधियों को पकड़ना। मेरा कर्तव्य है अपराध से पीड़ित लोगों के पक्ष में खड़े होना। भाजपा अपराध रोकने में तो नाकामयाब है मगर मुझे मेरा कर्तव्य करने से रोक रही है। मुझे पीड़ितों के समर्थन में खड़े होने से कोई रोक नहीं सकता। कृपया अपराध रोकिए!'

पुलिस ने प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लेने के बाद प्रियंका गांधी को चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया। हालांकि चुनार गेस्ट हाउस में प्रियंका गांधी फिर धरने पर बैठ गईं और कहा कि जब तक उन्हें पीड़ित परिवारों से नहीं मिलने दिया जाता है तब तक वह वापस नहीं जाएंगी. प्रियंका ने इस दौरान कहा कि वह सोनभद्र में हुई वारदात में मारे गए लोगों के परिवार के लोगों से मिलने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से जा रही थीं लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक लिया। वह चाहती हैं कि उन्हें जाने से रोकने का लिखित आदेश उन्हें दिखाया जाए। 

बता दें कि प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने की घटना पर कांग्रेसियों में आक्रोश है। जगह-जगह कांग्रेसियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। हालांकि, प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने की घटना पर राहुल गांधी ने अपने प्रतिक्रिया दी है और उनके हिरासत को परेशान करने वाला बताया है।

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ''सोनभद्र में प्रियंका की गैरकानूनी गिरफ्तारी परेशान करने वाली है। वह उन 10 आदिवासियों के परिवारों से मिलने जा रही थीं जिनकी अपनी जमीन छोड़ने से इनकार करने पर निर्मम हत्या कर दी गई। उन्हें रोकने के लिए सत्ता का मनमाने ढंग से इस्तेमाल किया गया है। इससे भाजपा सरकार की बढ़ती असुरक्षा का पता चलता है।

इससे पहले समाचार एजेंसी के मुताबिक, अगर वह गिरफ्तार कर ली जाती हैं तो, इस पर प्रियंका गांधी ने कहा था कि हां, हम अभी झुकेंगे नहीं। हम शांति के साथ पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे थे। मुझे नहीं पता कि ये लोग कहां ले जा रहे हैं. हम लोग कहीं भी जाने के लिए तैयार हैं।'

इससे पहले प्रियंका गांधी सोनभद्र गोलीकांड में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए वाराणसी के एक अस्पताल पहुंची थीं। जब उन्होंने सोनभद्र जाने की कोशिश की तो प्रशासन ने उन्हें अदलहाट क्षेत्र में रोक लिया। इसके विरोध में प्रियंका अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गई और खुद को रोके जाने के लिखित आदेश दिखाने की मांग की।

क्या है मामला: 17 जुलाई को सोनभद्र के उभ्भा गांव में 112 बीघा खेत के लिए दस ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया गया था। लगभग चार करोड़ रुपए की कीमत की इस जमीन के लिए प्रधान और उसके पक्ष ने ग्रामीणों पर अंधाधुन फायरिंग कर दी थी। इस हादसे में 25 अन्य लोग घायल हो गए थे।

कैसे हुआ था मामला: सोनभद्र उम्भा गांव में 112 बीघा खेत जोतने के लिए गांव का प्रधान यज्ञदत्त गुर्जर 32 ट्रैक्टर लेकर पहुंचा था। इन ट्रैक्टरों पर लगभग 60 से 70 लोग सवार थे। यह लोग अपने साथ लाठी-डंडा, भाला-बल्लम और राइफल और बंदूक लेकर आए थे। गांव में पहुंचते ही इन लोगों ने ट्रैक्टरों से खेत जोतना शुरू कर दिया। जब ग्रामीणों ने विरोध किया तो यज्ञदत्त और उनके लोगों ने ग्रामीणों पर लाठी-डंडा, भाला-बल्लम के साथ ही राइफल और बंदूक से भी गोलियां चलानी शुरू कर दी।

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  • Web Title:Priyanka Gandhi Vadra targets via tweet Yogi Government over sonbhdra murder case